इस वजह से लगा था 'गोल्डन कार्ड' पर ग्रहण, अब जिले के हर गांव में चलेगा विशेष अभियान
- जिन गांवों में एक भी गोल्डेन कार्ड नहीं बने हैं वहां एक नवंबर को चलेगा विशेष अभियान
- ऐसे गांवों की सूची तैयार करने के निर्देश आशा कार्यकर्ता को दिए गए
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यह जानकारी सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने दी। बताया कि कोविड-19 के प्रसार के कारण गोल्डन कार्ड बनाने के अभियान पर काफी असर पड़ा है। ऐसे में अब ज्यादा से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनवाने हैं, जिससे की लाभार्थियों को लाभ मिल सके। इसे लेकर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद ने निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने बताया कि योजना के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज कुमार पांडेय की देखरेख में यह अभियान चलना है। अभियान के दौरान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए प्रोत्साहित करने पर 10 रुपये प्रति कार्ड आशा कार्यकर्ता को भी दिए जाएंगे। प्रयास है कि 26 अक्तूबर तक संबंधित गांवों की आशा कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों का प्रिंटेड डेटा उपलब्ध करा दें। जागरूकता के उद्देश्य से प्रत्येक आशा को योजना से संबंधित 50 लीफलेट भी दिए जाएंगे।
कार्ड के लिए 30 रुपये देने होंगे
आशा कार्यकर्ता प्रिंटेड डेटा के आधार पर गांव के लाभार्थी को सूचना देंगी। कॉमन सर्विस सेंटर के वीएलई द्वारा एक नवंबर को गांव में कैंप लगाकर कार्ड बनाया जाएगा। इच्छुक लाभार्थी प्रति कार्ड 30 रुपये का शुल्क देकर गोल्डन कार्ड बनवा सकते हैं। इस अभियान की सफलता के लिए जिलाधिकारी स्तर से सेक्टर ऑफिसर भी तैनात किए जाएंगे।
गोल्डेन कार्ड के आवश्यक दस्तावेज
मूल राशन कार्ड (अनिवार्य)
मूल आधार कार्ड (अनिवार्य)
वोटर आईडी कार्ड (अनिवार्य)
प्रधानमंत्री का मूल पत्र अगर प्राप्त हुआ हो तो
मुख्यमंत्री का मूल पत्र अगर प्राप्त हुआ हो तो
एक नजर आंकड़ों पर
कुल लाभार्थी-15,33,490
गोल्डेन कार्ड बने-2,59,769
योजना का लाभ मिला-23224 लोगों को
सूचीबद्ध अस्पताल- कुल 89 (26 सरकारी और 63 निजी अस्पताल)