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जापान में पहुंची इस जिले के काला नमक की खुश्बू, जिसने भी चखा इसका स्वाद, वह हो गया मुरीद

Thu, 25 Jun 2020 11:40 AM IST
vivek shukla संजय कुमार पांडेय, महराजगंज।
संजय कुमार पांडेय, महराजगंज। Published by: vivek shukla Updated Thu, 25 Jun 2020 11:40 AM IST
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special agriculture of kala namak grain Japan Restaurant Businessman Ordered from maharajganj
काला नमक धान की खेती। - फोटो : अमर उजाला।

काला नमक चावल का नाम सुनते ही उसके सगुंध और स्वाद की बखान बरबस ही निकल पड़ती है। तभी तो जिसने भी तराई के इस स्वाद को चखा, वह उसका मुरीद हो गया और इस बार मुरीद हुए हैं, जापान के एक रेस्तरां कारोबारी गणेश यादव, फिर क्या है गणेश ने जापान में ही काला नमक उगाने की ठान ली।

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बीते दिनो धान की रोपाई के लिए निचलौल के बैदौली से बीज जापान भेजा गया। जहां पिछले सप्ताह उसकी रोपाई की गई हैं। अब देखना यह है कि तराई की यह खुश्बू जापन में कितना महकती हैं।
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यूं तो विदेशों में काला नमक की खेती का यह कोई पहला वाक्या नहीं है। दुनिया के कई देशों में काला नमक की खेती होती हैं। लेकिन तराई के काला नमक की बात ही कुछ खास हैं। निचलौल के बैदौली निवासी प्रवीण कुमार मिश्रा के खेतों में उपजे काला नमक की खुश्बू इस बार जापान तक पहुंच गई है।

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अंतर्राष्ट्रीय साइकिलिस्ट ने बताया काला नमक के बारे में

जापान में काला नमक धान उगाने की जद्दोजहद में जुटे गोरखपुर जिले के कोठा भलुवान निवासी गणेश प्रसाद यादव दशकों से जापान में रहते हैं। वह जापान के टोकियो से करीब 55 किमी दूर स्थित स्कूबा शहर में न्यू मीरा इंडियन रेस्टोरेंट चलाते हैं। उन्होंने जापान में काला नमक की खेती की हैं।

प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया कि बीते दिनो 10 किलो काला नमक धान का बीज जापान भेजा। जहां इसकी रोपाई हो चुकी है। यह हमारे गांव बदौली के फक्र की बात है कि यहां से धान का बीज जापान तक पहुंचा।
 
बीते दिनों अपने जापान यात्रा के दौरान गणेश के मित्र और अंतर्राष्ट्रीय साइकिलिस्ट हीरा लाल यादव उनके रेस्तरां में पहुंचे थे। रेस्तरां की इंडियन डिश को चखते हुए हीरालाल ने लजीज भोजन को और भी लजीज बनाने के लिए काला नमक चावल का जिक्र किया। इसके बाद गणेश यादव को काला नमक की खुश्बू ऐसी याद आई की उन्होंने उसके खेती का मन बनाया। हीरालाल ने काला नमक की खुबियों को बताया।

कुछ यूं जुड़ा बैदौली से नाता

जापान से लौटने के साथ ही हीरालाल यादव ने बैदौली निचलौल निवासी प्रवीण कुमार मिश्रा से काला नमक धान की बीज लेकर उसे जापान भेजा। इससे पहले हीरालाल अपने यात्रा के दौरान निचलौल के बदौली में करीब एक साल पहले आए थे। इस बीच उनकी मुलाकात प्रवीण कुमार मिश्रा से हुई। उनसे खेतीबारी के बारे में जानकारी ली। जापान गए तो इसके बारे में गणेश को बताए।
 
50 डिसमिल में हुई है रोपाई
जापान के रेस्तरां कारोबारी गणेश यादव ने दूरभाष पर बताया कि निचलौल के बैदौली गांव से काला नमक धान का बीज मंगाया है। 50 डिसमिल में धान की रोपाई हुई है। समय समय पर उर्वरक एवं पानी दिया जा रहा है। अभी ट्रायल के तौर पर खेती किया हूं। अच्छी पैदावार हुई तो बेहतर ढंग से खेती की जाएगी।
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