यूपी: खाते में था पैसा पर बैंक ने दिया नहीं, इलाज के अभाव में बेटे ने तोड़ा दम
- पीपीगंज स्थित जिला सहकारी बैंक में रामदेव ने जमा किए थे एक लाख पांच हजार रुपये
- पैसे न मिलने पर बेटे का 28 मई को हो गया निधन
- रामदेव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पैसे दिलाने की लगाई गुहार
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हम लोग भविष्य के लिए कहीं न कहीं पर पैसा जमा करते हैं कि वह मुसीबत के वक्त काम आए, लेकिन जब मुसीबत के वक्त जब वह पैसा न मिले तो आप पर क्या गुजरेगी। ऐसा ही कुछ हुआ पीपीगंज इलाके के रामदेव कन्नौजिया के साथ।
नयनसर गांव के रहने वाले रामदेव (65 वर्ष) ने पीपीगंज में स्थित जिला सहकारी बैंक में पाई-पाई जोड़कर एक लाख पांच हजार रुपये जमा किए थे। सोचा था मुसीबत के वक्त काम आएगी, लेकिन जब मुसीबत पड़ी तो पैसे हाथ में नहीं थे। पैसे के अभाव में उनके बड़े बेटे नरेंद्र (42 वर्ष) ने 28 मई को दम तोड़ दिया। अब रामदेव को बेटे के ब्रह्मभोज और नरेंद्र की बेटी की शादी की चिंता सता रही है। नरेंद्र का ब्रह्मभोज 6 जून को है।
14 जून को घर में थी शादी
रामदेव के तीन बेटों में नरेंद्र सबसे बड़ा था। वह पीपीगंज स्थित एक मोटर गैराज पर इलेक्ट्रिक मैकेनिक का काम करता था। उनसे दो छोटे भाई धर्मेंद्र (38 वर्ष) और वीरेंद्र (34 वर्ष) मजदूरी करते हैं।
रामदेव ने बताया कि एक साल पहले नरेंद्र को ब्लड कैंसर हो गया। पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लेकर पीजीआई, लखनऊ तक इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस बीच नरेंद्र ने अपनी बेटी की शादी भी तय कर दी थी। शादी 14 जून को होनी है।
इलाज के लिए रामदेव ने कस्बे में स्थित जिला सहकारी बैंक के चक्कर लगाने शुरू कर दिए, लेकिन उन्हें जमा किए हुए पैसे नहीं मिले। बैंक का कहना था कि पैसे नहीं है।
ब्याज पर लिए डेढ़ लाख रुपये
रामदेव ने ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये लिए, लेकिन वह बेटे की जान नहीं बचा पाए। रामदेव बेटे के ब्रह्मभोज और नातिन की शादी का कार्ड लेकर फिर जिला सहकारी बैंक पहुंचे और रुपये देने की गुहार लगाई, लेकिन पैसे नहीं मिले।
अब रामदेव को बेटे के ब्रह्मभोज और नातिन की शादी की चिंता सता रही है। साथ ही ब्याज पर लिए डेढ़ लाख रुपये भी उन्हें चुकाने हैं। जिसको लेकर 15 सदस्यीय परिवार तनाव में है। रामदेव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर बैंक से रुपये दिलाने की मांग की है।
आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद नहीं ले सके लाभ
जिस नरेंद्र के नाम से आयुष्मान योजना कार्ड भी बना था, लेकिन जागरूकता के अभाव में वह इसका लाभ नहीं उठा पाए। इस संबंध में पीपीगंज स्थित जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे बात नहीं हुई। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा।
जिला सहकारी बैंक के जीएम सच्चिदानंद द्विवेदी ने कहा कि इस मामले की मुझे जानकारी नहीं है। इस संबंध में क्षेत्रीय शाखा प्रबंधक को जांच का आदेश दिया जाएगा। खाताधारक अपने खाते से अपनी जरूरत के मुताबिक रकम निकाल सकते हैं।