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भारत नेपाल के राजूदत स्तर की हुई वार्ता, लोगों ने कहा- सामाजिक धार्मिक ताने बाने को मजबूती मिलेगी
Mon, 17 Aug 2020 03:56 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 17 Aug 2020 03:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला।
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भारत और नेपाल के बीच सोमवार को राजदूत स्तर की वार्ता शुरू हुई। नेपाल में भारत के राजदूत विजय मोहन क्वात्रा एवं नेपाल के विदेश सचिव शंकर दास बैरागी के बीच वार्ता हुई। इसे लेकर मधेशी नेताओं ने कहा कि समस्या का समाधान होना चाहिए। बयानों को लेकर दोनों देशों में जो तल्खी दिखी, उसका परिणाम ठीक नहीं होता। वार्ता के माध्यम से आपसी विवाद को सुलझाना ठीक है। भारत नेपाल के सामाजिक, धार्मिक तानेबाने को मजबूत बनाने के लिए यह बैठक कारगर साबित होगी।
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राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी रूपनदेही जिले के जिलाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच बैठक हो यह सही है। लेकिन इस समय की यह बैठक कूटनीतिक है। भारत से यह बैठक प्रचंड को डराने की सुनियोजित कोशिश है। इस समय भारत से यह बैठक सरकार बचाने की कूटनीतिक चाल है।
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पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता गुलजारी यादव ने बताया कि आम तौर पर भारत और नेपाल के रिश्ते सामान्य रहते हैं। लेकिन बीते कुछ महीनों से इस रिश्ते में थोड़ा बदलाव देखने को मिला है। नक्शा विवाद के बाद आज पहली कूटनीतिक बैठक हो रही है। मौजूदा हालात को देखते हुए यह बैठक अहम हो जाती है और संभावना है कि इस बैठक के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर हो पाएंगे। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच दोस्ती और गहरी होगी। मौजूदा सरकार चीन के बहकावे पर ऐसे कदम उठा रही है जिनसे भारत नाराज है।
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राप्रपा मर्चवार के अध्यक्ष असलम खान ने बताया कि मानचित्र को लेकर कुछ महीनों से भारत एवं नेपाल के बीच जारी तल्खी के बीच आज दोनों देशों के बातचीत हुई है। इस बातचीत का मुद्दा भारत द्वारा नेपाल में चलाए जा रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा है। लेकिन माना जा रहा है कि इस दौरान दोनों देशों के बीच आई खटास कुछ हद तक कम हो सकती है।
व्यापार मंडल नौतनवां तहसील अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि नेपाल द्वारा कई बार भारत के खिलाफ अमर्यादित बयान दिया गया जो गलत है। भारत नेपाल का वर्षो पुराना धार्मिक सामाजिक रिश्ता है। इस बैठक से कुछ उम्मीद जगी है।
एजेंट एसोसिएशन सोनौली के संरक्षक सुरेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि दोनों देशों में विशेष सचिव स्तर पर वार्ता का स्वागत योग्य है। भारत और नेपाल के बीच सदियों से चले आ रहे रिश्तों में खटास नहीं होनी चाहिए। उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच जो मनमुटाव है, वह बैठक के बाद दूर होगी।
व्यापार मंडल नौतनवां तहसील अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने बताया कि नेपाल द्वारा कई बार भारत के खिलाफ अमर्यादित बयान दिया गया जो गलत है। भारत नेपाल का वर्षो पुराना धार्मिक सामाजिक रिश्ता है। इस बैठक से कुछ उम्मीद जगी है।
एजेंट एसोसिएशन सोनौली के संरक्षक सुरेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि दोनों देशों में विशेष सचिव स्तर पर वार्ता का स्वागत योग्य है। भारत और नेपाल के बीच सदियों से चले आ रहे रिश्तों में खटास नहीं होनी चाहिए। उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच जो मनमुटाव है, वह बैठक के बाद दूर होगी।