फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Social media becomes powerful platform for campaigning in Panchayat elections

प्रधान की कुर्सी के लिए सुबह गुड मार्निंग तो रात को गुड नाइट बोल रहे हैं प्रत्याशी, सोशल मीडिया बना हथियार

Mon, 04 Jan 2021 04:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 04 Jan 2021 04:06 PM IST
विज्ञापन
Social media becomes powerful platform for campaigning in Panchayat elections
पंचायत चुनाव - फोटो : अमर उजाला

गोरखपुर के गोला ब्लॉक के कुछ गांवों में इन दिनों युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक के व्हाट्सएप में चार से पांच मिनट का भोजपुरी गाने का आडियो पहुंच रहा है- सभई के दिलवा में जागल बाटल आस बा...। इसी तरह के कुछ और भी गाने हैं जो किसी फिल्म या एलबम के नहीं हैं, बल्कि प्रधान पद के दावेदारों ने अपने प्रचार के लिए तैयार कराए हैं।

विज्ञापन


सोशल मीडिया के जरिए ऐसे प्रचार वाले गाने, संदेश और वादे, वोटरों तक खूब पहुंचाए जा रहे हैं। व्हाट्सएप पर सुबह गुड मार्निंग के संदेश गिर रहे, तो रात को शुभ रात्रि या गुड नाइट (जो वोटर जितना पढ़ा लिखा उसके अनुसार) से अभिवादन हो रहा।
विज्ञापन

    
शहर के साथ-साथ अब गांवों तक भी हर हाथ में स्मार्ट फोन पहुंचने से पंचायतों के चुनाव प्रचार-प्रसार का भी तरीका बदल गया है। पिछले चुनावों तक जहां बैनर-पोस्टर और पंपलेट प्रचार का जरिया हुआ करते थे, वहीं अब सोशल मीडिया प्रचार का माध्यम बन गया है। विधानसभा, लोकसभा और नगर निगम के चुनाव में तो इनका इस्तेमाल पहले से हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

प्रधानी पद के दावेदार योजनाबद्ध तरीके से गांवों में स्मार्ट फोन रखने वाले और व्हाट्सएप व फेसबुक चलाने वालों की सूची तैयार कर रहें। इसके बाद इसी से प्रचार कर रहे हैं। कोई गांव को शहर बनाने का दावा कर रहा तो कोई सुख-दु:ख में साथ देने का। सुबह और रात को तो हर किसी को हाथ जोड़े खुद की तस्वीर के साथ गुड मार्निंग और गुड नाइट के अभिवादन वाले संदेश आम हो गए हैं। चुनाव की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है मगर फरवरी से मार्च के बीच चुनाव होने की उम्मीद पर प्रचार-प्रसार तेज हो गया है। आरक्षण के बारे में भी अपने तईं दावेदार गुणा-भाग लगा चुके हैं।  

नए साल के जश्न के बहाने वोटरों को सहेजने में जुटे
कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर में भले ही ज्यादातर लोग नए साल के जश्न में किसी कार्यक्रम का आयोजन करने का मन नहीं बना पा रहे, मगर गांवों में दावत की तैयारी चल रही है। कहीं प्रधान पद के दावेदार खुद पहल कर रहे तो कहीं वोटर ही उन्हें प्रेरित कर रहे। कुछ गांवों में तो पहले से ही 31 दिसंबर की रात अलग-अलग दावेदारों की तरफ से मीट-मुर्गे और शराब की दावत का एलान हो चुका है।

वहीं, कई दावेदार ऐसे भी हैं जो चुनाव की तारीख आगे खिसक जाने से दुखी हैं। अपनों के बीच दुख साझा करते सुने जा रहे कि- पहले लगन और अब नए साल के नाम पर पार्टी में रुपये खर्च हो रहे। समय से चुनाव होता तो ऐसे कई खर्चों से बच जाते।

दिल्ली-मुंबई में रहने वालों की बन रही सूची
दावेदार अभी से गांव के दिल्ली-मुंबई, पंजाब रहने वाले वोटरों को सहेजने की तैयारी में जुट गए हैं। उनकी सूची तैयार कर रोज उनका भी कुशल छेम पूछा जा रहा है। मतदान वाले दिन दावेदार अपने खर्च पर ऐसे लोगों को बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए अभी से बजट का आकलन किया जा रहा है। संबंधित वोटरों को मय परिवार बुलाने पर कितना खर्च आएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed