आसमान से जमीन पर उतरा: दोहरे शतक पर हो रही थी तस्करी..अब मंडी में पड़ा सड़ रहा टमाटर
टमाटर के व्यापारी नौशाद ने बताया कि जुलाई व अगस्त में कर्नाटक और महाराष्ट्र में इस वर्ष बारिश ज्यादा हुई है। जिसके चलते उस समय मंडी में सिर्फ एक से दो ट्रक ही टमाटर की आवक थी। एक ट्रक में करीब 20 टन टमाटर आता था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कभी कीमतों में दोहरा शतक लागने वाले टमाटर का रंग इन दिनों पीला पड़ गया है। जिस टमाटर की तस्करी नेपाल से हो रही थी, अब आवक बहुत ज्यादा होने के चलते मंडी में औने-पौने दाम पर बिक रहा है। आवक के अनुपात में खपत कम होने के चलते टमाटर सड़ने लगा है। थोक मंडी में व्यापारी उसे सड़कों पर फेंक दे रहे हैं।
अगस्त तक टमाटर की कीमतें आसमान छू रही थीं। लोगों की थालियों से टमाटर गायब था। सलाद में टमाटर देखने को नहीं मिल रहा था। थोक मंडी में टमाटर 170 से 180 रुपये किलो बिका। जबकि फुटकर मंडी में 200 रुपये प्रति किलो से ज्यादा भाव था।
दुकानदार भी किलो की जगह पाव का हिसाब बताते थे। उसी टमाटर को अब थोक मंडी में कोई पूछने वाला नहीं है। बृहस्पतिवार को टमाटर का भाव 10 से 12 रुपये किलो था। खरीदने के लिए ग्राहक नहीं मिल रहे थे। फुटकर बाजार में भी टमाटर 20 रुपये किलो तक बिक रहा है।
इसे भी पढ़ें: पिपराइच से जगदीशपुर तक सात मीटर चौड़ी होगी सड़क, जाम भूल जाएंगे
टमाटर के व्यापारी नौशाद ने बताया कि जुलाई व अगस्त में कर्नाटक और महाराष्ट्र में इस वर्ष बारिश ज्यादा हुई है। जिसके चलते उस समय मंडी में सिर्फ एक से दो ट्रक ही टमाटर की आवक थी। एक ट्रक में करीब 20 टन टमाटर आता था। ये मांग की तुलना में करीब 10 गुना कम था। लेकिन, अब वहां मौसम अच्छा होने के चलते टमाटर की पैदावार बढ़ गई है।
इसे भी पढ़ें: देवरिया सामूहिक हत्याकांड: बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, अनमोल के घरवालों से की मुलाकात
ऐसे में आवक भी इस समय 10 से 12 ट्रक है। यही वजह है कि टमाटर की पूछ नहीं है। वहीं, थोक व्यापारी संजय सोनकर के मुताबिक रोजाना मंडी में 200 से 300 टन टमाटर की आवक है। मांग के अनुपात में टमाटर की आवक बढ़ने से दाम में गिरावट आई है।मंडी में कई व्यापारी के यहां टमाटर इतना ज्यादा आ गया है कि सड़ने के चलते फेंकना पड़ जा रहा है।