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यूपी: कोटेदारों ने किया डीएसओ का घेराव, तीन घंटे तक बाथरूम जाने से भी रोका
Tue, 09 Feb 2021 11:08 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 09 Feb 2021 11:08 AM IST
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डीएसओ कार्यालय में मौजूद सभी कोटेदार।
- फोटो : अमर उजाला।
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देवरिया जिले के बरहज तहसील क्षेत्र के नरसिंहडाड़ गांव में सस्ते गल्ले की दुकान का आवंटन निरस्त होने से नाराज कोटेदारों ने जिलापूर्ति अधिकारी विनय सिंह का उनके कार्यालय में घेराव किया। निरस्त दुकान को बहाल करने की मांग करते हुए डीएसओ को उनकी कुर्सी से उठने तक नहीं दिया। तीन घंटे तक डीएसओ को बाथरूम भी नहीं जाने दिया।
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सुबह दस बजे बड़ी संख्या में कोटेदार कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए। नरसिंहडाड़ गांव के कोटेदार संजय प्रसाद की दुकान निरस्त करने के विरोध में डीएसओ कार्यालय कक्ष के सामने हंगामा करने लगे। चंद मिनट के बाद वह डीएसओ चैंबर में घुस गए और उनका घेराव कर दिया।
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कोटेदारों का कहना था कि सत्ता पक्ष के एक नेता के इशारे पर दुकान निरस्त की गई है। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन ने तीन फरवरी को धरना दिया था। दबाव में आए अधिकारी ने कोटेदारों की एक न सुनी।
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बंधक बने अधिकारी बाथरूम जाने के लिए कोटेदारों से आग्रह करते रहे। दोपहर एक बजे कोटेदार डीएसओ दफ्तर से बाहर निकले। इस दौरान अध्यक्ष विश्वजीत मणि, मीडिया प्रभारी रामकुमार सिंह, अखिलेश मिश्रा, बांके बिहारी पांडेय, सुरेश, गुड्डू प्रसाद, शिवमूर्ति सिंह, अंगीरा पांडेय आदि मौजूद रहे।
जिला पूर्ति अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि जांच में वितरण में गड़बड़ी पाए जाने पर कोटे की दुकान को निलंबित कर दिया गया था। इससे नाराज कुछ लोग कार्यालय आए जो अपने को कोटेदार संघ का पदाधिकारी बता रहे थे। उन्होंने दबाव बनाने के साथ और सरकारी कार्य में बाधा डाली। वे कह रहे थे कि कैसे बिना बताए दुकान निलंबित कर दी गई। उनका आरोप था कि जनप्रतिनिधि के दबाव में ऐसा किया गया है। उन्हें समझा बुझाकर शांत कराकर भेज दिया गया।