UP News: एमएमएमयूटी में जल्द बनने लगेगी सेमी कंडक्टर चिप की डिजाइन, केंद्र सरकार को भेजा गया प्रस्ताव
सेमी कंडक्टर चिप को किसी भी इलेक्ट्रानिक उपकरण का दिमाग कह सकते हैं। यह विद्युत प्रवाह को नियंत्रित करने का काम करते हैं। इसमें विद्युत के सुचालक और कुचालक गुण होते हैं। सेमी कंडक्टर चिप के जरिये ही डेटा की प्रोसेसिंग होती है।
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मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में सेमी कंडक्टर चिप की डिजाइन तैयार किए जाने की योजना को अब धरातल पर उतारा जा रहा है। इसके लिए विश्वविद्यालय में 10 करोड़ रुपये से लैब बनाई जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है।
विश्वविद्यालय का चयन देश के उन 30 तकनीकी और शोध संस्थानों में हुआ है, जिसे भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया अभियान के तहत अपने महत्वाकांक्षी सी-टू-एस (चिप्स-टू-स्टार्टअप) प्रोग्राम के क्रियान्वयन के लिए चुना है। देश को सेमी कंडक्टर का हब बनाने के लिए सरकार ने पांच वर्ष में 100 तकनीकी संस्थानों के माध्यम से 175 तरह के सेमी कंडक्टर चिप को विकसित करने का लक्ष्य रखा है।
सिलसिला जारी रहे, इसके लिए एंबेडेड सिस्टम डिजाइन के क्षेत्र में 85 हजार योग्य इंजीनियरों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। योजना के जरिये पांच वर्ष में 25 स्टार्टअप होंगे। बीटेक, एमटेक और पीएचडी के मेधावी विद्यार्थियों को सी-टू-एस से जोड़ा जाएगा।
विश्वविद्यालय इस कार्य में सहयोग के लिए जल्द किसी तकनीकी औद्योगिक संगठन से करार की तैयारी भी कर रहा है।
सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू होगा
सेमी कंडक्टर चिप के लिए लैब तैयार हो जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन इससे जोड़कर एक सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना भी बना रहा है। छह महीने के इस कोर्स को पूरा करने वाले विद्यार्थी को एक प्रमाण-पत्र दिया जाएगा, जिसके इस्तेमाल से वह देशभर में अपने शोध-कार्य को आगे बढ़ा सकेंगे। यह प्रमाण-पत्र स्टार्टअप शुरू करने में भी सहयोगी बनेगा।
क्या होती है सेमी कंडक्टर चिप
सेमी कंडक्टर चिप को किसी भी इलेक्ट्रानिक उपकरण का दिमाग कह सकते हैं। यह विद्युत प्रवाह को नियंत्रित करने का काम करते हैं। इसमें विद्युत के सुचालक और कुचालक गुण होते हैं। सेमी कंडक्टर चिप के जरिये ही डेटा की प्रोसेसिंग होती है। सभी तरह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इसका उपयोग होता है।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि सी-टू-एस प्रोग्राम के लिए विश्वविद्यालय चयनित है। लैब तैयार करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है, बजट मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।