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ग्रह नक्षत्र: आज से खरमास शुरू, एक महीने नहीं होंगे शुभ कार्य
Mon, 14 Mar 2022 10:27 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 14 Mar 2022 10:27 AM IST
सार
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, वधू प्रवेश, वरवरण, कन्यावरण, बरच्छा, विवाह से संबंधित समस्त कार्य, मुंडन, गृहप्रवेश, गृहारंभ, प्रथम बार तीर्थ पर गमन आदि कार्य खरमास में नहीं किए जाते हैं।
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Kharmas 2022
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही सोमवार की मध्यरात्रि से खरमास शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही एक माह तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के बाद खरमास खत्म होगा।
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पंडित शरदचंद्र मिश्र ने बताया कि ग्रहों के राजा सूर्य जब-जब देवताओं के गुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन में गोचर करते हैं, तब-तब खरमास होता है। इसमें किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। हालांकि खरमास में पूजा-पाठ, पुण्य कार्य जैसे दान इत्यादि धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खरमास में धार्मिक कार्य और पुण्य करने से समस्त कठिनाइयां समाप्त होती हैं और सुख-शांति की वृद्धि होती है।
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ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, वर्ष में दो बार जब सूर्य धनु और मीन राशि में आते हैं तब खरमास लगता है। सूर्य किसी भी राशि में एक महीने रहते हैं। मीन राशि में प्रवेश के समय बृहस्पति का भी तेज कमजोर हो जाता है और गुरु के स्वभाव में उग्रता आ जाती है। बताया कि किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए त्रिबल की आवश्यकता होती है। त्रिबल अर्थात सूर्य, चंद्रमा व बृहस्पति का बल। जब तीनों ग्रह उत्तम स्थिति में रहते हैं, तभी शुभ कार्य किए जाते हैं। इनमें से यदि कोई भी क्षीण या निस्तेज हो तो शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं।
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खरमास में न करें ये कार्य
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार, वधू प्रवेश, वरवरण, कन्यावरण, बरच्छा, विवाह से संबंधित समस्त कार्य, मुंडन, गृहप्रवेश, गृहारंभ, प्रथम बार तीर्थ पर गमन आदि कार्य खरमास में नहीं किए जाते हैं।