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व्यक्ति में भक्ति का शौक पैदा करता है सत्संग : पंकज
Thu, 15 Jun 2023 10:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 15 Jun 2023 10:37 PM IST
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- नौसड़ के बरिया टोले में जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था की ओर से सत्संग
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। सत्संग वह जल है जिसमें स्नान करके जीवात्माएं हंस रूप बन जाती हैं। संतों, महात्माओं के सत्संग में किसी व्यक्ति, कौम, मजहब की निंदा और आलोचना नहीं की जाती है, यहां तो भगवान की भक्ति का शौक पैदा किया जाता है।
ये बातें बृहस्पतिवार को नौसड़ बरिया टोला में जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के अध्यक्ष व जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज ने कहीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि इसमें परमात्मा के पास जाने का दरवाजा है जिसका भेद संत, महात्मा जानते हैं।
कहा कि अनेक जन्मों के पुण्य और किसी महापुरुष की दया से यह मानव तन प्राप्त हो गया है। यह परमात्मा का सबसे बड़ा वरदान है। पैदा होने से पहले परमात्मा से सबने वादा किया था, इस बार मानव तन दे दीजिए हम आपका भजन करेंगे, लेकिन जब बड़े हुए तो अपने वादे को भूल गए और शराब-कबाबों, मान प्रतिष्ठा में सुख ढूंढने लगे।
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इस अवसर पर जयराम, नन्दू, रामू, जयस, शेषनाथ, राजेश निषाद, दुर्गेश, कृष्ण मोहन यादव, राम भवन, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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गोरखपुर। सत्संग वह जल है जिसमें स्नान करके जीवात्माएं हंस रूप बन जाती हैं। संतों, महात्माओं के सत्संग में किसी व्यक्ति, कौम, मजहब की निंदा और आलोचना नहीं की जाती है, यहां तो भगवान की भक्ति का शौक पैदा किया जाता है।
ये बातें बृहस्पतिवार को नौसड़ बरिया टोला में जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था, मथुरा के अध्यक्ष व जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज ने कहीं। उन्होंने कहा कि मनुष्य शरीर चौरासी लाख योनियों में सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि इसमें परमात्मा के पास जाने का दरवाजा है जिसका भेद संत, महात्मा जानते हैं।
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कहा कि अनेक जन्मों के पुण्य और किसी महापुरुष की दया से यह मानव तन प्राप्त हो गया है। यह परमात्मा का सबसे बड़ा वरदान है। पैदा होने से पहले परमात्मा से सबने वादा किया था, इस बार मानव तन दे दीजिए हम आपका भजन करेंगे, लेकिन जब बड़े हुए तो अपने वादे को भूल गए और शराब-कबाबों, मान प्रतिष्ठा में सुख ढूंढने लगे।
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इस अवसर पर जयराम, नन्दू, रामू, जयस, शेषनाथ, राजेश निषाद, दुर्गेश, कृष्ण मोहन यादव, राम भवन, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।