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सरकारी सप्लाई का इंजेक्शन लगाकर वसूल लिए 2395 रुपये, परिजनों ने लगाया ये गंभीर आरोप

Thu, 21 Jan 2021 12:29 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 21 Jan 2021 12:29 PM IST
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Sathya Nursing Home and Maternity Center given anti-D injection of government supply on female patient
रामगढ़ताल थाने में लिखित शिकायत करने पहुंचे परिजन। - फोटो : अमर उजाला।
सरकारी अस्पतालों में मिलने वाले महंगे इंजेक्शन निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इसका इस्तेमाल निजी अस्पताल धड़ल्ले से कर रहे हैं। ऐसा ही मामला गोरखपुर जिले के तारामंडल स्थित सत्या नर्सिंग होम एवं मेंटरनिटी सेंटर में सामने आया है। एक महिला मरीज को सरकारी सप्लाई की नॉट फॉर सेल का एंटी-डी इंजेक्शन लगा दिया गया। इसके बदले मरीज से 2395 रुपये भी लिए गए। मामले की जानकारी जब परिजनों को हुई तो उन्होंने हंगामा किया। सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। परिजनों ने रामगढ़ताल थाने में लिखित शिकायत की है।
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जानकारी के मुताबिक पचपेड़वा के ग्राम बौरडीह निवासी अनूप मिश्रा अपनी पत्नी निशी मिश्रा (30) को 18 जनवरी को तारामंडल स्थित सत्या नर्सिंग होम एवं मेंटरनिटी सेंटर में दिखाया। इस बीच निशी मिश्रा ने एक स्वस्थ्य बच्ची को जन्म दिया। बुधवार को डॉक्टर की सलाह पर सत्या नर्सिंग होम से एंटी-डी इंजेक्शन लगाया गया।
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अनूप मिश्रा का आरोप है कि इंजेक्शन का रैपर जब देखा गया तो पता चला कि वह सरकारी सप्लाई और उस पर नॉट फॉर सेल लिखा है। इसके बदले 2395 रुपये लिए गए। इस पर उन्होंने विरोध किया तो उन्हें डराया और धमकाया भी गया। इसकी सूचना जब उनके अन्य परिजनों को हुई तो वह लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।
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सूचना पर डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंचीं। इसके बाद मामले को किसी तरह शांत कराया। अनूप मिश्रा ने इस मामले में लिखित तहरीर रामगढ़ताल थाना में दी है। एसओ रामगढ़ताल अनिल सिंह ने बताया कि तहरीर मिल गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
 
पहले धमकी दी और फिर मैनेज करने का दबाव बनाने लगे
अनूप मिश्रा और उनके रिश्तेदारों ने बताया कि पहले नर्सिंग होम की तरफ से धमकी दी गई। डराया धमकाया भी गया। इसके बाद मैनेज करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। यहां तक यह भी धमकी दी गई कि जहां जाना हैं जाओ सब मैनेज हो जाएगा।

बड़ा सवाल सरकारी सप्लाई का इंजेक्शन पहुंचा कैसे?
निशी मिश्रा को जो इंजेक्शन लगाया गया है। वह सरकारी सप्लाई का है। ऐसे में परिजनों का आरोप है कि आखिर यह इंजेक्शन निजी अस्पतालों में पहुंचा कैसे। इस इंजेक्शन की सप्लाई महिला जिला अस्पताल में है। महिला अस्पताल के मैनेजर डॉ. कमलेश ने बताया कि एंटी-डी इंजेक्शन महिला अस्पताल में मरीजों को निशुल्क लगाया जाता है।

सत्या नर्सिंग होम एंड मेंटरनिटी सेंटर के निदेशक डॉ एसपीडी द्विवेदी ने बताया कि इंजेक्शन बाहर से लाया गया है। मेरे नर्सिंग होम के स्टोर से इंजेक्शन नहीं लिया गया है। सरकारी सप्लाई का इंजेक्शन मेडिकल स्टोर में आता ही नहीं है। रोज सैकड़ों मरीज आते हैं इंजेक्शन लगवाने। आज तक इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। बाहर से इंजेक्शन लाकर मुझे फंसाया जा रहा है। कुछ लोग मामले में राजनीति करके नर्सिंग होम को बदनाम करने की साजिश रच रह हैं। लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।
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