साधु शरण प्रकरण : आरोपी की तलाश में दबिश पर पकड़ से दूर, पुलिस का दावा कर रहें तलाश
खजनी तहसील में फरियाद लेकर पहुंचे साधु शरण ने तोड़ा था दम, सात महीने से दर्ज है केस, थाने बुलाने पर नहीं आया था आरोपित, पुलिस का दावा कर रहें तलाश।
विस्तार
अपनी जमीन की खतौनी ठीक कराने और कब्जा पाने के लिए कई साल से दौड़भाग करने वाले खजनी खुटभार के साधु शरण विश्वकर्मा (65) को मौत मामले में आरोपी की तलाश में पुलिस ने दबिश दी है। बुधवार को भी पुलिस उसके घर पहुंची थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके पहले उसका पक्ष जानने को पुलिस ने उसे थाने भी बुलाया था, लेकिन वह नहीं आया था। पुलिस का दावा है कि जल्द ही जांच कर न्याय दिलाया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, दबाव में पुलिस ने भू-माफिया पर केस दर्ज कर लिया था, लेकिन समय के साथ उसे भी दबा दिया गया। जांच के नाम पर पुलिस की फाइल खुली है, लेकिन आज तक गिरफ्तारी तक नहीं हो सकी है। गांव में जाकर दावे करने वाले अफसर भी खामोश बैठ गए हैं। लेखपाल एक दिन के बाद दोबारा नहीं गए और पीड़ित परिवार खुद की बदनसीबी को ही अपनी नियति मानकर सिस्टम के सामने घुटने टेक चुका है।
एसएसपी ने मामले का संज्ञान लिया तो शनिवार को पुलिस हरकत में आई और पीड़ित के घर तक पहुंची थी। आरोपित को थाने बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आया। इंस्पेक्टर मनोज ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे पकड़ा जाएगा। पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।
साधु शरण को न्याय कब मिलेगा?
आरोपी पकड़े जाएंगे या जांच में खेल हो गया है, इसकी जानकारी तो तब ही हो पाएगी जब चार्जशीट दाखिल की जाएगी। मगर इतना साफ है कि न्याय देने की इस प्रक्रिया ने ही साधु शरण के हिम्मत को तोड़ दिया था। बिना न्याय पाए ही उनकी मौत हो गई और परिवार वाले भी आस छोड़ ही चुके हैं।
ये है पूरा मामला
17 जुलाई 2021 को संपूर्ण समाधान दिवस के दिन अपनी फरियाद लेकर साधु शरण खजनी तहसील में गए थे। यहां पर इंसाफ पाने की चाह में लाइन में लगे और वहीं उनकी मौत हो गई थी। पहले तो प्रशासनिक अफसरों ने मौत पर ही पर्दा डालने की कोशिश की, लेकिन फिर मामले के तूल पकड़ने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था।
तत्कालीन एसडीएम खजनी पवन कुमार, सीओ खजनी (वर्तमान में एसपी क्राइम) इंदु प्रभा सिंह भी साधु शरण के घर पहुंच गईं। अफसरों ने इंसाफ दिलाने के इतने बड़े-बड़े वादे किए कि साधु शरण के परिवार को लगा कि शायद उनकी मौत के बाद ही सही, इंसाफ तो मिल ही जाएगा। पुलिस ने इस मामले में जिनका नाम सामने आया था उसके खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने, धमकी देने की धारा के तहत केस दर्ज करने की औपचारिकता भी पूरी कर ली। पर इस मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।