{"_id":"63c648bd449b751a017c0ba7","slug":"revenue-inspector-imprisoned-for-three-years-2023-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: तत्कालीन राजस्व निरीक्षक को तीन साल की कैद, कोर्ट ने सुनाया फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: तत्कालीन राजस्व निरीक्षक को तीन साल की कैद, कोर्ट ने सुनाया फैसला
Tue, 17 Jan 2023 12:35 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 17 Jan 2023 12:35 PM IST
सार
शिकायतकर्ता राजस्व निरीक्षक कमर आलम से मिला तो वह पैमाइश के लिए पांच हजार रुपये घूस की मांग की। शिकायतकर्ता घूस नहीं देना चाहता था, बल्कि अभियुक्त को घूस लेते रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था।
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भ्रष्टाचार का जुर्म सिद्ध पाए जाने पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट राहुल दूबे ने खजनी तहसील में तैनात तत्कालीन संपत्ति राजस्व निरीक्षक अभियुक्त कमर आलम को तीन साल के कठोर कारावास व तीन हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को एक माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता घनश्याम त्रिपाठी का कहना था कि शिकायतकर्ता रामदीन सिकरीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम कासिमपुर जिगनी का निवासी है। उसने एक दिसंबर 2018 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन को शिकायती प्रार्थनापत्र दिया। जिसमें उसका कहना था कि उसकी मां मुनरा देवी के नाम से एक जमीन है। जिसकी पैमाईश कराने के लिए उसने उपजिलाधिकारी खजनी के यहां वाद दाखिल किया।
विज्ञापन
पैमाइश के लिए जब शिकायतकर्ता राजस्व निरीक्षक कमर आलम से मिला तो वह पैमाइश के लिए पांच हजार रुपये घूस की मांग की। शिकायतकर्ता घूस नहीं देना चाहता था, बल्कि अभियुक्त को घूस लेते रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। शिकायत पर ट्रैप टीम का गठन हुआ और अभियुक्त राजस्व निरीक्षक को दुधारा बाजार चौराहे के पास से घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
विज्ञापन