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यूपी: यहां आयकर नियमों की अनदेखी कर मनमानी कटौती कर रहा विभाग, सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने लगाया ये आरोप
Tue, 05 Jan 2021 01:00 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 05 Jan 2021 01:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : iStock
विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त हुए कई बुजुर्गों का आरोप है कि विभाग विभिन्न परीक्षण के नाम पर चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों को लटका रहा है। कभी सीएमओ से परीक्षण तो कभी खुद के परीक्षण नाम पर भुगतान नहीं किया। जब इन प्रक्रियाओं को पूरा कर दिया गया तो अब इनकम टैक्स के नाम पर बिलों को लटकाया जा रहा है। अपनी समस्याओं से अवगत कराने के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को कमिश्नर जयंत नार्लिकर से मिलेगा।
सिंचाई निर्माण मंडल गोरखपुर के कार्यालय अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त गिरीश नारायण श्रीवास्तव और गंडक सिंचाई कार्य मंडल-2 गोरखपुर से प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए सुरेश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि पहले सीएमओ से परीक्षण के बाद भी उनके बिलों से संबंधित फाइलें दबाए रखीं गईं। अब बताया जा रहा है कि बिलों पर इनकम टैक्स का निर्धारण हो रहा है। इसके बाद भुगतान होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि इनकम टैक्स निर्धारण में मनमानी की जा रही है। इनका कहना है कि अव्वल तो वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के 50 हजार तक के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल पर कोई टैक्स नहीं लगता। यदि लगता भी है तो आठ महीने से विभाग क्या कर रहा था? इस संबंध में जरूरी शासनादेश एकत्रित कर रहे हैं। इसके बाद कमिश्नर से मुलाकात करके अपनी बात रखेंगे।
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सिंचाई निर्माण मंडल गोरखपुर के कार्यालय अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त गिरीश नारायण श्रीवास्तव और गंडक सिंचाई कार्य मंडल-2 गोरखपुर से प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए सुरेश चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि पहले सीएमओ से परीक्षण के बाद भी उनके बिलों से संबंधित फाइलें दबाए रखीं गईं। अब बताया जा रहा है कि बिलों पर इनकम टैक्स का निर्धारण हो रहा है। इसके बाद भुगतान होगा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इनकम टैक्स निर्धारण में मनमानी की जा रही है। इनका कहना है कि अव्वल तो वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के 50 हजार तक के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल पर कोई टैक्स नहीं लगता। यदि लगता भी है तो आठ महीने से विभाग क्या कर रहा था? इस संबंध में जरूरी शासनादेश एकत्रित कर रहे हैं। इसके बाद कमिश्नर से मुलाकात करके अपनी बात रखेंगे।
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कुशीनगर : दस दिन करेंगे इंतजार
कुशीनगर कलेक्ट्रेट के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने एडीएम फाइनेंस विंध्यवासिनी राय के बजट आते ही जल्द भुगतान के आश्वासन के बाद कुछ दिन और इंतजार करने का निर्णय लिया है। आपदा लिपिक पद से सेवानिवृत्त हुए विजय कुमार श्रीवास्तव और रजिस्ट्रार कानूनगो पद से सेवानिवृत्त हुए नरेंद्र लाल का कहना है कि कुशीनगर में डीएम नए आए हैं। ऐसे में 10 दिन इंतजार करने के बाद वे डीएम और कमिश्नर से गुहार लगाएंगे।
नलकूप खंड प्रथम के एक्सइएन एसबी सिंह ने बताया कि सब कुछ नियम के तहत किया जाता है। बिल स्वीकृत करने में बहुत सी प्रक्रिया के साथ जरूरी दस्तावेज लगाना जरूरी है। प्राय: आपत्ति लगाए जाने के बाद लंबे समय तक संबंधित कर्मचारी की तरफ से जवाब नहीं आता, जिस कारण कुछ फाइलें लंबित हो जाती हैं। कोरोना संक्रमण काल में भी काफी दिनों तक दफ्तर बंद होने और कर्मचारियों के नहीं आने से कुछ फाइलें लेट हुईं। जल्द ही निस्तारण हो जाएगा। बिल से संबंधित कोई फाइल बेवजह नहीं लटकाई जाती है।
नलकूप खंड प्रथम के एक्सइएन एसबी सिंह ने बताया कि सब कुछ नियम के तहत किया जाता है। बिल स्वीकृत करने में बहुत सी प्रक्रिया के साथ जरूरी दस्तावेज लगाना जरूरी है। प्राय: आपत्ति लगाए जाने के बाद लंबे समय तक संबंधित कर्मचारी की तरफ से जवाब नहीं आता, जिस कारण कुछ फाइलें लंबित हो जाती हैं। कोरोना संक्रमण काल में भी काफी दिनों तक दफ्तर बंद होने और कर्मचारियों के नहीं आने से कुछ फाइलें लेट हुईं। जल्द ही निस्तारण हो जाएगा। बिल से संबंधित कोई फाइल बेवजह नहीं लटकाई जाती है।