गोरखपुर: जीएसटी में पंजीकरण कराएं, 10 लाख का मिलेगा बीमा
निशुल्क होता है पंजीकरण, 40 लाख से अधिक के टर्नओवर के लिए है जरूरी, हादसे में मृत 33 व्यापारियों के परिजनों में बंट चुकी है 3.3 करोड़ की क्षतिपूर्ति।
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गोरखपुर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में पंजीकरण न सिर्फ व्यापार को सुविधाजनक व नियम संगत बनाता है, बल्कि पंजीकृत व्यापारी को सरकार की तरफ से 10 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा भी मिलती है। गोरखपुर में एक साल के अंदर ऐसे 33 व्यापारियों के परिजनों को बीमा क्षतिपूर्ति के तौर पर तीन करोड़ तीस लाख रुपये की धनराशि का वितरण भी हो चुका है।
असिस्टेंट कमिश्नर अमित कुमार सिंह बताते हैं कि जीएसटी पंजीकरण संख्या (जीएसटीआईएन) एक ऐसी संख्या है, जिसके जरिए पंजीकृत करदाताओं के कर भुगतान और अनुपालन पर नजर रखने में सुविधा होती है। इसके दायरे वे व्यापारी आते हैं, जिनका वित्तीय वर्ष में वार्षिक कारोबार 40 लाख रुपये से अधिक है। पंजीकृत व्यापार का सबसे बड़े फायदा है कि व्यापारी धोखाधड़ी से बचते हैं और अगर कोई ऐसा करता है तो वह कानूनी दायरे में भी आसानी से लाया जा सकता है।
ऑनलाइन है पंजीकरण
कोई भी व्यक्ति जीएसटी पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया को आसानी से पूरा कर सकता है। इसके लिए पोर्टल पर उपलब्ध फॉर्म को भरना व आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना होता है। इसे व्यापारी खुद भी कर सकते हैं या किसी विशेषज्ञ की मदद भी ले सकते हैं।
इनके लिए अनिवार्य है जीएसटी पंजीकरण
- आपकी वार्षिक बिक्री या माल का सालाना कारोबार 40 लाख रुपये से अधिक है।
- आप एक सेवा प्रदाता हैं और आपकी वार्षिक बिक्री या कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक है।
- पूर्व में वैट, उत्पाद शुल्क, सेवा कर, आदि के तहत पंजीकृत रहे हों।
- आकस्मिक करदाता (आयोजन/प्रदर्शनी के लिए सेवाएं और सामान प्रदान करते हैं, लेकिन आपके पास व्यवसाय का स्थायी पता/स्थान नहीं है)
जीएसटी पंजीकरण के लिए दस्तावेज
आधार कार्ड, पैन कार्ड, पता प्रमाण (पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र आदि), बैंक खाता विवरण, स्वामी का फोटो, साझेदार फर्म के लिए पार्टनरशिप डीड की कॉपी।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन बाबूलाल ने कहा कि जीएसटी में पंजीकरण के लिए पिछले महीने वृहद स्तर पर जागरूकता कैंप आयोजित किए गए थे। गोष्ठी व अन्य माध्यमों से भी व्यापारियों को जागरूक किया जाता रहा है। इधर चुनाव के चलते काम रुका है। जीएसटी में पंजीकृत व्यापारी को 10 लाख रुपये की बीमा सुरक्षा दी जाती है। जिन पात्र व्यापारियों ने अब तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है, वे अपना पंजीकरण करा लें। अगर इसमें किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो वाणिज्यकर कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।