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गोरखपुर: कोरोना में फंसी आंगनबाड़ियों की भर्ती, कर्फ्यू के कारण लग गया ब्रेक
Mon, 31 May 2021 03:02 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 31 May 2021 03:02 PM IST
सार
1100 से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की होनी है भर्ती, भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण लग गया ब्रेक।
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उत्तर प्रदेश आंगनवाड़ी भर्ती 2021
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गोरखपुर जनपद में 1100 से अधिक आंगनबाड़ी तथा इतनी ही सहायिकाओं के खाली पदों को भरने के लिए शासन स्तर से शुरू की गई प्रक्रिया पर कोरोना के कारण ब्रेक लगा गया है। इतनी संख्या में आंगनबाड़ी और सहायिकाओं के पद रिक्त होने से तमाम कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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आंगनबाड़ी संघ की अध्यक्ष गीतांजलि मौर्या ने बताया कि किस परियोजना में कितने पद रिक्त हैं उसकी सूची बनाकर निदेशालय को भेजी जा चुकी थी। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद विज्ञापन निकालकर भर्ती शुरू की जानी थी। यह कवायद चल ही रही थी कि अचानक कोरोना कर्फ्यू लग गया। इस नाते भर्ती की प्रक्रिया ठप हो गई।
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उन्होंने बताया कि गांवों में निगरानी समिति बनाई गई है। उसमें पंचायत सेक्रेट्री, अध्यक्ष तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा, लेखपाल कोटेदार, युवकमंगल दल, तथा कुछ सामाजिक संगठन के सदस्यों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सभी को घर-घर जाकर सर्वे करना होता है। इसमें आंगनबाड़ी वर्कर की भूमिका अहम होती है।
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वहीं हर आंगनबाड़ी वर्कर प्रति दिन करोना काल में 25 घरों का सर्वे कर रही है। उन्हें यह देखना है कि कोई बीमार तो नहीं है। यदि तबीयत खराब है तो उसकी जांच कराई जाती है। हर किसी के स्वास्थ्य के बारे में पूछा जाता है। उसकी सूचना स्वास्य विभाग को दी जाती है। जांच के बाद यदि कोई करोना पॉजिटिव निकला तो उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया जाता है। यदि हालत गंभीर नहीं तो घर पर ही उसका उपचार होता रहा है।
जनपद में 100 से अधिक पद लंबे समय से आंगनबाड़ी वर्करों के खाली पड़े हैं। ऐसे समय जब आंगनबाड़ी वर्कर करोना योद्धा के रूप में कार्य कर रहीं है तो खाली जगह भरी होती तो लोगों को काफी मदद मिलती। इसी तरह से जनपद में मुख्य सेविकाओं के लिए 150 पद हैं। वर्तमान में मात्र 60 मुख्य सेविकाएं कार्य कर रहीं हैं। 90 पद उनके भी रिक्त हैं। इतने पद खाली होने के कारण जो कार्यरत हैं उन पर भारी दबाव है।
गोरखपुर जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह ने कहा कि जनपद में आंगनबाड़ी के 1100 से अधिक पद रिक्त हैं। सभी परियोजनाओं से रिक्त पदों की सूची मंगा ली गई थी। उसे निदेशालय भेज दिया गया है। आरक्षण की प्रक्रिया चल रही थी इसी बीच करोना की दूसरी लहर आ गई। इस नाते नियुक्ति प्रक्रिया बाधित हो गई। जल्द ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।