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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Read Full Geeta In One page Geeta Press at Gorakhpur

एक पन्ने में पढ़िए संपूर्ण गीता, कीमत सुनकर हो जाएंगे हैरान

Sat, 30 May 2020 06:09 PM IST
vivek shukla अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 30 May 2020 06:09 PM IST
सार

  • सिर्फ 50 पैसे में पाठकों को पढ़ने को मिलती है गीताप्रेस से प्रकाशित ताबीजी गीता
  • लाखों प्रतियां हो चुकी हैं प्रकाशित, लोगों में रहती है इसकी खूब मांग

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geeta press - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

धार्मिक पुस्तकों के लिए पूरे विश्व में विख्यात गीता प्रेस समय-समय पर किताबों को लेकर नए-नए प्रयोग करता है। ऐसे ही एक प्रयोग का नतीजा है, ताबीजी गीता। इस ताबीजी श्रीमद्भागवत गीता की खास बात ये है कि संपूर्ण गीता एक ही पेज में समाहित है और कीमत सिर्फ 50 पैसे हैं। अब तक इसकी लाखों प्रतियां बिक चुकी हैं।

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नो प्राफिट नो लॉस सिद्धांत पर होता है काम

गीताप्रेस के ट्रस्टी ईश्वर प्रसाद पटवारी ने बताया कि गीताप्रेस, गोविंद  भवन कार्यालय ट्रस्ट, कोलकाता की एक इकाई है। यह ट्रस्ट नो प्राफिट नो लॉस के सिद्धांत पर कार्य करती है। गीताप्रेस घाटे से प्रभावित हुए बिना धर्म सेवार्थ प्रकाशन का कार्य करता रहे, इसके लिए गोविंद भवन कार्यालय ट्रस्ट ने आय के अन्य संसाधनों का विकास किया। इस आय से गीताप्रेस का घाटा पूरा किया जाता है।

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50 पैसे की सबसे सस्ती 750 रुपये की सबसे महंगी पुस्तक

गीता प्रेस से 15 से अधिक भाषाओं में हजारों पुस्तकें प्रकाशित होती हैं, लेकिन बात अगर सबसे महंगी और सबसे सस्ती पुस्तक की करें तो यहां से प्रकाशित होने वाली ताबीजी गीता सबसे सस्ती है। वहीं सबसे महंगी पुस्तक श्रीरामचरितमानस वृहदाकार है जिसकी कीमत 750 रुपये है।

संस्थापक ने कर दी थी व्यवस्था
 
ईश्वर पटवारी ने बताया कि बताया कि गीताप्रेस की स्थापना के समय ही इसकी व्यवस्था कर दी गई थी कि भगवान की सेवा का कार्य कभी रुकने न पाए और समाज के अंतिम व्यक्ति तक भगवान की वाणी व धार्मिक पुस्तकें आसानी से पहुंच सकें। ताकि, समाज में एक सकारात्मक वातावरण बने और सुंदर समाज का निर्माण हो सके। उद्देश्य पवित्र था, इसलिए कार्य आगे बढ़ता चला गया।

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