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गोरखपुर में बोले राजस्थान के राज्यपाल: दीनदयाल के विचार में समाहित था 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र

Mon, 26 Sep 2022 11:20 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 26 Sep 2022 11:20 AM IST
सार

राज्यपाल ने अपने छात्र जीवन को याद किया । साथ ही कहा कि एक कार्यकर्ता होने के नाते पंडित दीनदयाल उपाध्याय से संपर्क होता रहता था। मैं, उनकी सामूहिकता के विचार से बहुत प्रभावित था। उन्होंने अपने जीवन चिंतन में सामूहिकता को जीवंत बनाए रखा और नैतिकता को महत्वपूर्ण माना।

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Rajasthan Governor participates in international seminar of Gorakhpur University
न्यूज लेटर का विमोचन करते राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास मंत्र में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार भी समाहित हैं। जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति को भी मिल रहा है। 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र की सूची में शामिल होगा। संपन्न राष्ट्र हो जाएगा। यह कहना है राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र का। वह रविवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष्य में गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय चेतना उत्सव विषयक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दूसरे दिन बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

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गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह की अगुवाई में आयोजित सेमिनार के दौरान राजस्थान के राज्यपाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय सहज और सरल जीवन शैली पसंद करते थे। वह 1967 में जनसंघ के अध्यक्ष बने। भारतीयता और सनातन विचार दीनदयाल के जीवन का मूल केंद्र था। उनके अनुसार, धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष के मूल में नैतिकता है। नैतिकता ही प्रजा को नियंत्रित करती है।
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वह मानते थे कि भारतीय अर्थ चिंतन, भौतिकता और आध्यात्मिकता एक दूसरे का मिलाजुला रूप है।  समाज को स्वस्थ रखना है तो उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होगा। गरीब व वंचित आर्थिक रूप से मजबूत होंगे तो संपन्नता आएगी। देश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ता रहेगा।  इससे पहले राज्यपाल ने प्रशासनिक भवन में स्थापित दीनदयाल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
 

छात्र जीवन में मिला सानिध्य

राज्यपाल ने अपने छात्र जीवन को याद किया । साथ ही कहा कि एक कार्यकर्ता होने के नाते पंडित दीनदयाल उपाध्याय से संपर्क होता रहता था। मैं, उनकी सामूहिकता के विचार से बहुत प्रभावित था। उन्होंने अपने जीवन चिंतन में सामूहिकता को जीवंत बनाए रखा और नैतिकता को महत्वपूर्ण माना। उनका पूरा जीवन समाज को समर्पित था। छात्र जीवन में अपनी कक्षा के कमजोर विद्यार्थियों की पढ़ाई में सहायता करते थे। कानपुर में जनसंघ का पहला अधिवेशन था। इसमें पंडित जी ने संकल्प को स्वयं लिपिबद्ध किया था। उनके इस कार्य से प्रभावित होकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि यदि मुझे दीनदयाल उपाध्याय और एक अटल मिल जाए तो मैं, पूरे भारत की दिशा बदल सकता हूं।

विद्यार्थी दीनदयाल जैसा व्यक्तित्व धारण करें: रवि किशन
विशिष्ट अतिथि व शहर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दीन दयाल के विचारों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से क्रियान्वित कर रहे हैं। सभी विद्यार्थियों को दीनदयाल उपाध्याय जैसा व्यक्तित्व बनाना चाहिए।  विशिष्ट अतिथि व पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह मोती ने कहा कि सरकार दीनदयाल के अंत्योदय की संकल्पना को धरातल पर उतारने का काम कर रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने कहा कि दीनदयाल कहते थे, मनुष्य और राष्ट्र के जीवन मे आर्थिक समृद्धि बहुत जरूरी है। उन्होंने पूंजीवाद व साम्यवाद में अंतर को दो नारों से समझाया। यह नारे हमारी मांगे पूरी हो चाहे जो मजबूरी हो। राष्ट्रहित में करेंगे काम और काम का लेंगे पूरा दाम।

प्रधानमंत्री के संकल्पों पर संगोष्ठी करने वाला पहला विश्विद्यालय: कुलपति
कुलपति प्रो राजेश सिंह कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने की बात कही है। इसके लिए छह संकल्पों पर काम करने को कहा है। इन्हीं संकल्पों को पूरा करने के लिए यह सेमिनार आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से नई शिक्षा नीति के अंतर्गत नैतिक शिक्षा प्रदान करने के लिए दो-दो क्रेडिट का पंडित दीनदयाल उपाध्याय व नाथ पंथ पर कोर्स तैयार किया गया है। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन प्रो दीपक त्यागी ने किया।

 

राज्यपाल ने गोरखपुर से अपने रिश्ते को किया याद

1960 के दशक में कलराज मिश्र गोरखपुर में आरएसएस के प्रचारक रहे। उन्होंने कहा कि गोरखपुर से मेरा अनूठा नाता है। यहीं से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत हुई है।

एनसीसी के कैडेट्स द्वारा भव्य गार्ड ऑफ ऑनर
विश्वविद्यालय के एनसीसी के कैडे्टस नगार्ड ऑफ ऑनर दिया। कैडेट्स का नेतृत्व प्रो (कैप्टन) विनीता पाठक ने किया।

सेमिनार की स्मारिका तथा विश्वविद्यालय के न्यूज लेटर का विमोचन
राज्यपाल व मंचासीन अतिथियों ने अंतरराष्ट्रीय सेमिनार की स्मारिका के साथ-साथ विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर का भी विमोचन किया। इस दौरान समन्वयक प्रो हिमांशु चतुर्वेदी व प्रो सुनीता मुर्मू भी मौजूद रहीं।

देश के शिक्षाविदों ने की सहभागिता
समारोह में कई कुलपति व पूर्व कुलपति एवं शिक्षाविदों ने प्रतिभाग किया। प्रो ईश्वर शरण विश्वकर्मा, प्रो आईएस दुबे, प्रो एसएस सारंगदेवोत, प्रो कैलाश सुदानी, प्रो आरसी श्रीवास्तव, प्रो एके सिंह, प्रो हरिशंकर सिंह तथा पूर्वांचल विकास बोर्ड के नरेंद्र सिंह विशेष सत्र में मौजूद रहे। इनके अला पूर्व विधायक शीतल पांडे, मेयर सीताराम जायसवाल, आरएसएस के पृथ्वीराज सिंह, महेंद्र नाथ अग्रवाल, पूर्व मेयर अंजू चौधरी मौजूद रहीं।

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