रेलवे ने इन लोगों को दिया ये राहत, लॉकडाउन अवधि का लाइसेंस शुल्क होगा माफ
- जितने दिन स्टॉल बंद, उतने दिन का शुल्क माफ होगा
- लॉकडाउन अवधि का लाइसेंस शुल्क नहीं लेगा रेलवे
- पेंट्रीकार व साइकिल स्टैंड का शुल्क भी कम होगा
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रेलवे स्टेशनों पर खानपान के स्टॉल, पेंट्रीकार और साइकिल स्टैंड का ठेका लेने वालों के लिए राहत भरी खबर है। लॉकडाउन अवधि में जितने दिन ट्रेन नहीं चली और स्टॉल बंद रहे हैं, रेलवे उतने दिन का लाइसेंस शुल्क माफ करेगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवेज को अपने स्तर पर निर्णय लेने की अनुमति दे दी है। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है।
रेलवे स्टेशन पर फूड यूनिट, खानपान स्टॉल और साइकिल स्टैंड का लाइसेंस रेलवे तीन से लेकर पांच वर्ष तक देता है। इसी हिसाब से लाइसेंस शुल्क जमा होता है। 68 दिनों बाद एक जून से ट्रेनों का संचलन शुरू हो गया है। लेकिन, अभी चुनिंदा ट्रेनें ही चल रही हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे की नौ ट्रेनों में पेंट्रीकार लगते हैं। पेंट्रीकार में खानपान का सामान नहीं बनाया जा रहा है सिर्फ पैकेज्ड आइटम ही बेचे जा रहे हैं। वहीं, स्टेशन परिसर में अब भी किसी को गाड़ी लेकर आने की अनुमति नहीं है। ऐसे में अब लॉकडाउन की अवधि कितने दिनों की मानी जाएगी, किसका कितना शुल्क माफ होगा, यह सब रेलवे अधिकारियों ने खंगालना शुरू कर दिया है।
गोरखपुर जंक्शन पर स्टॉल, स्टैंड की संख्या
खानपान स्टॉल 46
फूड यूनिट 02
मोटर साइकिल स्टैंड 02
कार पार्किंग 02
कैब-वे 02
एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड ने कैंटरिंग एवं वेंडिंग के लाइसेंस शुल्क में बदलाव को लेकर सभी जोनल रेलवे को अधिकृत कर दिया है। पूर्वोत्तर रेलवे में भी लॉकडाउन की अवधि का लाइसेंस शुल्क कम करने को लेकर कार्रवाई की जा रही है।