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गोरखपुर में जाम: हड़हवा फाटक पर जल्द बनेगा रेलवे ओवरब्रिज, नहीं करना पड़ेगा ढाला खुलने का इंतजार
Thu, 06 Apr 2023 03:27 PM IST
vivek shukla
टीपी शाही गोरखपुर।
टीपी शाही गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 06 Apr 2023 03:27 PM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार प्रदेश की कमान संभालने के बाद प्रमुख स्थानों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराना शुरू कर दिया है। शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई प्रमुख स्थानों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है।
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हड़हवा फाटक स्थित रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन के गुजरने के बाद लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर शहर को एक और ओवरब्रिज का तोहफा मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर हड़हवा फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण होगा। सेतु निगम इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बना रहा है। एक सप्ताह के अंदर इसे शासन को भेज दिया जाएगा। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। इस ओवरब्रिज के निर्माण से लोगों को हड़हवा फाटक पर ढाला खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दूसरी बार प्रदेश की कमान संभालने के बाद प्रमुख स्थानों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराना शुरू कर दिया है। शहरवासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कई प्रमुख स्थानों पर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। टीपी नगर से देवरिया बाईपास, खजांची चौराहा, बरगदवा के पास के बाद अब हड़हवा फाटक पर रेल ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।
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हड़हवा फाटक शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक है। शहर के इस इलाके से गुजरी रेल लाइन से नौतनवां और गोंडा की तरफ जाने वाली ट्रेनें गुजरती हैं। इन ट्रेनों के गुजरने के दौरान इस रोड पर भयंकर जाम लग जाता है। ऐसे में यहां कई दिनों से ओवरब्रिज की मांग की जा रही थी।
जाम मुक्त होगी सड़क
जिले के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया था कि हड़हवा फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराने के लिए सेतु निगम से डीपीआर बनवाकर शासन को भेजें। डीएम के निर्देश के बाद सेतु निगम इस कार्य में जुट गया है। सेतु निगम के जिम्मेदारों के मुताबिक आरओबी की लंबाई 666.78 मीटर होगी। यह सेतु फोरलेन होगा। इसकी चौड़ाई 17.20 मीटर होगी।
डीपीआर की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। सेतु के निर्माण में वन निगम के पेड़ों को काटना पड़ेगा। वन विभाग से उनका इस्टीमेट मांगा गया है। इसके अलावा बिजली विभाग के पोल और ट्रांसफार्मर को शिफ्ट किया जाएगा। इसमें विभाग का कितना खर्च आएगा, उसका भी इस्टीमेट मांगा गया है। इसके अलावा , जल निगम, बीएसएनएल के भी पाइप हैं। सेतु के निर्माण में कितनी जमीन का अधिग्रहण करना पड़ेगा उन्हें कितना मुआवजा देना पड़ेगा इसके लिए प्रशासन से भी इस्टीमेट मांगा गया है।
सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट आफिसर एके सिंह हड़हवा फाटक पर आरओबी का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सेतु निगम डीपीआर बना रहा है। उसमें वन विभाग, बिजली विभाग, जलकल, बीएसनल के अलावा जमीन का इस्टीमेट राजस्व विभाग से मांगा गया है। सभी संस्थाओं से कहा गया है कि बहुत जल्द इस्टीमेट उपलब्ध करा दें। एक सप्ताह के अंदर डीपीआर शासन को भेज दी जाएगी।
डीपीआर की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। सेतु के निर्माण में वन निगम के पेड़ों को काटना पड़ेगा। वन विभाग से उनका इस्टीमेट मांगा गया है। इसके अलावा बिजली विभाग के पोल और ट्रांसफार्मर को शिफ्ट किया जाएगा। इसमें विभाग का कितना खर्च आएगा, उसका भी इस्टीमेट मांगा गया है। इसके अलावा , जल निगम, बीएसएनएल के भी पाइप हैं। सेतु के निर्माण में कितनी जमीन का अधिग्रहण करना पड़ेगा उन्हें कितना मुआवजा देना पड़ेगा इसके लिए प्रशासन से भी इस्टीमेट मांगा गया है।
सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट आफिसर एके सिंह हड़हवा फाटक पर आरओबी का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सेतु निगम डीपीआर बना रहा है। उसमें वन विभाग, बिजली विभाग, जलकल, बीएसनल के अलावा जमीन का इस्टीमेट राजस्व विभाग से मांगा गया है। सभी संस्थाओं से कहा गया है कि बहुत जल्द इस्टीमेट उपलब्ध करा दें। एक सप्ताह के अंदर डीपीआर शासन को भेज दी जाएगी।