खुशखबर: राजधानी से पहले चलाई जाएगी वंदे भारत एक्सप्रेस, रेलवे बोर्ड के नवागत चेयरमैन ने बताई प्राथमिकता
चेयरमैन विनय कुमार त्रिपाठी दिल्ली जाते समय एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस गोरखपुर से लखनऊ तक 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी।
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रेलवे बोर्ड के नवागत चेयरमैन विनय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि राजधानी एक्सप्रेस से पहले वंदे भारत एक्सप्रेस को चलाया जाएगा। इसके लिए गोरखपुर से लखनऊ तक के ट्रैक को 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ाने योग्य बनाया जाएगा। इस पर काम शुरू हो गया है। 110 किमी प्रति घंटा का ट्रायल हो चुका है।
रेलवे बोर्ड के नवागत चेयरमैन विनय कुमार त्रिपाठी दिल्ली जाने से पहले शनिवार को एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि सहजनवां-दोहरीघाट रेल परियोजना को जल्द पूरा करने की कोशिश होगी। इसके लिए धन की कमी नहीं आएगी। वंदे भारत एक्सप्रेस में जल्द ही स्लीपर कोच लगाए जाएंगे। इस पर रेलवे तेजी से काम कर रहा है। राजधानी एक्सप्रेस चलने में थोड़ा वक्त लग सकता है, लेकिन इसे भी भविष्य में चलाने की योजना है।
लखनऊ-गोरखपुर-छपरा रेलमार्ग को 130 किमी प्रति घंटा चलाने लायक बनाया जाएगा
चेयरमैन ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ-गोरखपुर-छपरा (425 किमी) मुख्य रेलमार्ग को 110 से 130 किमी प्रति घंटा बनाने पर काम चल रहा है। इसमें और तेजी लाई जाएगी। जैसे ही इस रूट पर 130 की स्पीड हो जाएगी, वैसे ही गोरखपुर से वंदे भारत जैसी फास्ट ट्रेनें चलाई जाएंगी। बताया कि वंदे भारत मिलने के आसार इसलिए ज्यादा हैं, क्योंकि मौजूदा समय में 75 से अधिक वंदे भारत के रैक का निर्माण किया जा रहा है। नवंबर 2022 तक सभी रैक बाहर आ जाएंगे। तब तक ट्रैक का काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद गोरखपुर से लखनऊ रूट पर ट्रेनें भी 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर रहेगा।
निजीकरण नहीं होगा, मिलकर करेंगे काम
चेयरमैन ने रेलवे के निजीकरण के सवाल पर कहा कि निजीकरण फिलहाल नहीं होने जा रहा है। रेलवे 70 फीसदी अपने कर्मचारियों और अधिकारियों पर वेतन के रूप में खर्च कर रहा है। ऐसी स्थिति में निजी लोगों पर रेलवे क्यों खर्च करेगा। रेलवे के कर्मचारी कहीं नहीं जा रहे हैं। हम लोग मिलकर रेलवे को और मजबूत बनाएंगे।
स्टेशन एयरपोर्ट जैसे दिखने लगे हैं
चेयरमैन ने कहा कि अब रेलवे स्टेशन भी एयरपोर्ट जैसे दिखने लगे हैं। बनारस के स्टेशन को देखकर लोगों की राय बदल गई है। गोरखपुर सहित देश के अन्य रेलवे स्टेशनों को बेहतर बनाया जाएगा।
सहजनवां-दोहरीघाट रेल लाइन प्राथमिकता में शामिल
एनईआर के पूर्व जीएम विनय कुमार त्रिपाठी के चेयरमैन बनने के बाद से सहजनवां-दोहरीघाट रेल लाइन परियोजना में और तेजी आने की उम्मीद है। इस रेल लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण को केंद्र सरकार ने 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस रेल लाइन के लिए 535 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। जमीन अधिग्रहण के लिए रेल प्रशासन ने कुछ गांवों की सूची जिला प्रशासन को भेज दी है। सहजनवां से लेकर दोहरीघाट के बीच बनाए जाने वाले 12 स्टेशनों में एक जंक्शन, सात क्रॉसिंग स्टेशन और चार हाल्ट बनाए जाने हैं। सहजनवां, खजनी, उनवल, बासगांव, गोला बाजार, बड़हलगंज, दोहरीघाट रेलवे स्टेशन समेत चार हाल्ट शामिल हैं। यह परियोजना रेलवे विनय कुमार त्रिपाठी की प्राथमिकता में थी।
शिकायतों के निस्तारण में पूर्वोत्तर रेलवे देश भर में नंबर वन
शिकायतों की समस्याओं के समाधान मामले में पूर्वोत्तर रेलवे देशभर में नंबर एक बना हुआ है। जीएम रहते हुए विनय कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में एक वर्ष में गोरखपुर और इज्जतनगर स्थित यांत्रिक कारखाने में पुराने कोचों से लगभग ढाई सौ न्यू माडिफाइड गुड्स (एनएमजी) वैगन तैयार हुए हैं। यह वैगन भारतीय रेलवे स्तर पर आटोमोबाइल्स की ढुलाई करते हुए रेलवे का राजस्व बढ़ा रहे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे स्क्रैप निस्तारण में भी पहले स्थान पर रहा है। 75 फीसदी रेलमार्गों का विद्युतीकरण कर पूर्वोत्तर रेलवे ने नया रिकॉर्ड बनाया है।