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खुशखबर: गोरखपुर विश्वविद्यालय में पूर्वांचल इन्क्यूबेशन काउंसिल एंड इनोवेशन सेंटर की शुरुआत, स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा

Thu, 18 Nov 2021 09:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 18 Nov 2021 09:16 PM IST
सार

कुलपति ने कहा कि एफपीओ, स्टार्टअप, पंजीकृत या अपंजीकृत कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है। एफपीओ को भी स्टार्टअप शुरू करने जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सभी क्षमतावान उद्यमियों को विश्वविद्यालय प्रशासन एक प्लेटफॉर्म देने जा रहा है। जिससे वे अपने विचार को साकार (इन्क्यूबेट) कर सकें।

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Purvanchal Incubation Council and Innovation Center started in Gorakhpur University
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एफपीओ और स्टार्ट अप को बढ़ावा देने की पहल की गई है। बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने विवि में स्थापित पूर्वांचल इन्क्यूबेशन काउंसिल एंड इनोवेशन सेंटर की वेबसाइट को लांच किया। विवि में फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन (एफपीओ) और स्टार्ट अप लगाने के लिए इच्छुक लोग ऑनलाइन आवेदन picic.ddugu.ac.in पर कर सकेंगे। सहूलियत के लिए विवि की वेबसाइट www.ddugu.ac.in पर भी लिंक प्रदान किया गया है।

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आवेदक पहले वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन फॉर्म को डाउनलोड करेंगे। फॉर्म भरकर उसे वहीं मौजूद ईमेल आईडी पर मेल करना होगा। इसके बाद एक स्क्रीनिंग कमेटी की ओर से उसकी जांच होगी। कंपनी की शॉर्ट लिस्टिंग के बाद एक प्रेजेंटेशन देखा जाएगा तथा चयनित एफपीओ, स्टार्टअप और कंपनियों से अनुबंध किया जाएगा। चयनित स्टार्टअप को सेंटर के मीटिंग हॉल, लेक्चर्स के साथ ट्रेनिंग रूम का इस्तेमाल करने की सहूलियत मिलेगी।
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कुलपति ने कहा कि एफपीओ, स्टार्टअप, पंजीकृत या अपंजीकृत कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है। एफपीओ को भी स्टार्टअप शुरू करने जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सभी क्षमतावान उद्यमियों को विश्वविद्यालय प्रशासन एक प्लेटफॉर्म देने जा रहा है। जिससे वे अपने विचार को साकार (इन्क्यूबेट) कर सकें। सेंटर के सुचारु रूप से संचालन के लिए एक सीईओ, सीए, कोआर्डिनेटर, वित्तीय सलाहकार एवं ऑफिस सेक्रेटरी होंगे। पूरा सेंटर वाई फाई से लैस होगा। विश्वविद्यालय सेंटर के भवन, इंटरनेट, फर्नीचर, लेक्चर हॉल, सेमिनार रूम का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। अगर कोई व्यक्ति एक सीट भी चाहता है तो उसे उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन, उसे अपना लैपटॉप का प्रयोग करना पड़ेगा। इस एवज में उसे अपेक्षित शुल्क चुकाना होगा।
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ये विशेषज्ञ करेंगे मार्गदर्शन

कुलपति ने कहा कि स्टार्ट अप और एफपीओ की स्थापना में प्राथमिकता कृषि एवं आईटी सेक्टर को दी जाएगी। ख्यातिलब्ध एक्सपर्ट डॉ पंजाब सिंह, डॉ रामचेत चौधरी, डॉ कीर्ति सिंह, आईआईएम लखनऊ से प्रो. सुशील कुमार, एनआईआईटी जयपुर के डॉ. संजय गौर, प्रो.नरेश त्रिखा एफपीओ और स्टार्टअप लगाने वाले लोगों का ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में मार्गदर्शन करेंगे।

कौन कर सकता है आवेदन
कोई भी विद्यार्थी जो स्टार्ट अप लगाने का इच्छुक हो, उसके पास आइडिया हो। ऐसा शख्स जिसने कंपनी नहीं बनाई है और वह कंपनी बनाना चाह रहा हो। ऐसे व्यक्ति जिसकी कंपनी पंजीकृत है, मगर संसाधनों के अभाव में वह उसका संचालन नहीं कर पा रहे हैं तो इनोवेशन सेंटर उनकी मदद करेगा।

 
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