गोरखपुर खाद कारखाना: पीएम की मौजूदगी में शुरू होगा उत्पादन, फिर 40 दिन ब्रेक के बाद बनेगी खाद
एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक एके गुप्ता के मुताबिक, खाद कारखाने में 45-45 किलोग्राम की नीम कोटेड यूरिया की बोरियां तैयार की जाएंगी। एक बोरी की कीमत 265 रुपये होगी।
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एक बार सफल ट्रायल होने के बाद सात दिसंबर को जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के गोरखपुर खाद कारखाने का लोकार्पण होगा, उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। हालांकि लोकार्पण वाले दिन के बाद करीब 40 दिनों के लिए उत्पादन बंद हो जाएगा। मशीनों की जांच के बाद नए साल में फिर उत्पादन शुरू किया जाएगा।
एचयूआरएल के प्रबंध निदेशक एके गुप्ता के मुताबिक, खाद कारखाने में 45-45 किलोग्राम की नीम कोटेड यूरिया की बोरियां तैयार की जाएंगी। एक बोरी की कीमत 265 रुपये होगी। एचयूआरएल, गोरखपुर समेत देश में तीन बड़े खाद कारखानों का निर्माण करा रहा है। 25 हजार करोड़ रुपये के इन प्लांटों में से गोरखपुर का प्लांट सबसे पहले सात दिसंबर को शुरू होने जा रहा है। दो अन्य प्लांट अगले साल अप्रैल में शुरू होंगे।
खाद कारखाना को नगर निगम ने भी दी है 18 एकड़ जमीन
खाद कारखाना को नगर निगम ने भी 18 एकड़ जमीन दी है। यह जमीन खाद कारखाना को 55 साल के लीज पर दी गई है। इससे नगर निगम को सालाना करीब 77 हजार रुपये की आय भी हो रही है।
नियमानुसार, नगर निगम अपनी जमीन को अधिकतम 30 साल के पट्टे पर ही दे सकता है। ऐसे में क्रमश: 30 और 25 साल के दो अलग-अलग पट्टे बनाकर खाद कारखाना को दिया गया है। इसके अलावा खाद कारखाना के लिए काफी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। ऐसे में खाद कारखाना के पास स्थित चिलुआताल से पानी उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। नगर निगम के साथ करार के बाद खाद कारखाना प्रशासन चिलुआताल के पानी का इस्तेमाल कर रहा है।