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ऐसे कैसे लड़ेंगे कोरोना से जंग: शिकायत, जांच, कार्रवाई... फिर भी जारी है निजी अस्पतालों की मनमानी
Thu, 20 May 2021 11:48 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 20 May 2021 11:48 AM IST
सार
इलाज के नाम पर अधिक फीस वसूलने की अब तक 21 निजी अस्पतालों की आ चुकी शिकायत। चार ने कार्रवाई से बचने के लिए रुपये भी लौटाए, प्रशासन का कहना जल्द पूरी होगी कार्रवाई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
इलाज के नाम पर अधिक फीस वसूलने की अब तक 21 निजी अस्पतालों की आ चुकी शिकायत। चार ने कार्रवाई से बचने के लिए रुपये भी लौटाए, प्रशासन का कहना जल्द पूरी होगी कार्रवाई।
शासन से लेकर प्रशासन स्तर तक से सख्ती, जांच और फिर कार्रवाई के बाद भी निजी अस्पतालों की मनमानी रुक नहीं रही है। 10 दिन के भीतर ही कोविड संक्रमितों से शासन की तरफ से तय रेट से अधिक फीस वसूलने की 21 शिकायतें मिल चुकी हैं। सभी को नोटिस जारी किया गया है।
मेडिकल कॉलेज रोड स्थित बद्रिका हॉस्पिटल पर कार्रवाई भी हो चुकी है। चार अस्पतालों ने नोटिस मिलते ही मरीजों व उनके तीमारदारों को अतिरिक्त फीस भी लौटा दी है। यह रकम 59 हजार रुपये से लेकर करीब तीन लाख रुपये तक है। जांच कमेटी का कहना है कि सिर्फ रुपये लौटा देने से अपराध कम नहीं होता। जल्द जांच पूरी कर कार्रवाई होगी। जिन्होंने रुपये वापस लौटाए हैं, उनके संबंध में जांच कमेटी ने सीएमओ को पत्र भी लिखा है।
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शासन से लेकर प्रशासन स्तर तक से सख्ती, जांच और फिर कार्रवाई के बाद भी निजी अस्पतालों की मनमानी रुक नहीं रही है। 10 दिन के भीतर ही कोविड संक्रमितों से शासन की तरफ से तय रेट से अधिक फीस वसूलने की 21 शिकायतें मिल चुकी हैं। सभी को नोटिस जारी किया गया है।
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मेडिकल कॉलेज रोड स्थित बद्रिका हॉस्पिटल पर कार्रवाई भी हो चुकी है। चार अस्पतालों ने नोटिस मिलते ही मरीजों व उनके तीमारदारों को अतिरिक्त फीस भी लौटा दी है। यह रकम 59 हजार रुपये से लेकर करीब तीन लाख रुपये तक है। जांच कमेटी का कहना है कि सिर्फ रुपये लौटा देने से अपराध कम नहीं होता। जल्द जांच पूरी कर कार्रवाई होगी। जिन्होंने रुपये वापस लौटाए हैं, उनके संबंध में जांच कमेटी ने सीएमओ को पत्र भी लिखा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कोरोना के इलाज व जांच के नाम पर अधिक पैसा वसूल करने वाले कोविड अस्पतालों व निजी पैथोलाजी के खिलाफ जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है। 30 अप्रैल को अपर आयुक्त न्यायिक रतिभान के नेतृत्व में गठित कमेटी के पास शुरुआती एक सप्ताह तक तो कोई शिकायत ही नहीं आई।
इसके बाद एक शिकायत बद्रिका हॉस्पिटल के खिलाफ मिली। जांच में वह सही भी पाई गई। इसपर हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के साथ ही संचालक व डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करा प्रशासन ने एक संदेश दिया। इस संदेश का असर यह हुआ कि जो मरीज या तीमारदार डर के सामने नहीं आ रहे थे, उनका हौसला बढ़ा। नतीजतन करीब दो सप्ताह के भीतर ही 21 शिकायतें आईं। इनमें एक गलत भी मिली है। जांच कमेटी के अध्यक्ष रतिभान ने बताया कि 21 शिकायतें मिली थीं, सभी को नोटिस जारी हुई है। जल्द ही कार्रवाई होगी। कमेटी कुछ मामलों का स्वत: संज्ञान भी ले रही है।
इसके बाद एक शिकायत बद्रिका हॉस्पिटल के खिलाफ मिली। जांच में वह सही भी पाई गई। इसपर हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के साथ ही संचालक व डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करा प्रशासन ने एक संदेश दिया। इस संदेश का असर यह हुआ कि जो मरीज या तीमारदार डर के सामने नहीं आ रहे थे, उनका हौसला बढ़ा। नतीजतन करीब दो सप्ताह के भीतर ही 21 शिकायतें आईं। इनमें एक गलत भी मिली है। जांच कमेटी के अध्यक्ष रतिभान ने बताया कि 21 शिकायतें मिली थीं, सभी को नोटिस जारी हुई है। जल्द ही कार्रवाई होगी। कमेटी कुछ मामलों का स्वत: संज्ञान भी ले रही है।