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Gorakhpur News: सरकारी दफ्तर में प्राइवेट कर्मचारी पांच हजार घूस लेते गिरफ्तार, एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ा

Wed, 15 Feb 2023 10:30 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 15 Feb 2023 10:30 AM IST
सार

बिस्टौली निवासी सुधीर मिश्रा ने 42 डिस्मिल जमीन बैनामा कराया है। उसी बैनामे के दस्तावेज के एवज में रजिस्ट्रार कार्यालय में प्राइवेट रूप से काम करने वाले प्रमोद गुप्ता ने पांच हजार रुपये की भेंट मांगी। रुपये न देकर इसकी शिकायत सुधीर मिश्रा ने एंटी करप्शन गोरखपुर में कर दी।

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Private employee arrested for taking five thousand bribe in government office
गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के बांसगांव तहसील परिसर में स्थित रजिस्ट्री दफ्तर से एक प्राइवेट कर्मचारी को मंगलवार को एंटी करप्शन की टीम ने पांच हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ एंटी करप्शन की ओर से बेलीपार थाने में केस दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर अग्रिम कार्रवाई कर रही है।

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जानकारी के मुताबिक, बिस्टौली निवासी सुधीर मिश्रा ने 42 डिस्मिल जमीन बैनामा कराया है। उसी बैनामे के दस्तावेज के एवज में रजिस्ट्रार कार्यालय में प्राइवेट रूप से काम करने वाले प्रमोद गुप्ता ने पांच हजार रुपये की भेंट मांगी। रुपये न देकर इसकी शिकायत सुधीर मिश्रा ने एंटी करप्शन गोरखपुर में कर दी।
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मंगलवार को रुपयों में रंग लगाकर टीम ने सुधीर को मौके पर भेजा। जैसे ही सुधीर ने रुपये दिए, टीम ने आरोपी प्राइवेट बाबू को दबोच लिया। टीम में प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित, उप निरीक्षक उदय प्रताप सिंह, शिव मनोहर यादव, नीरज कुमार सिंह आदि मौजूद रहें।
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प्रमोद के पास मौजूद थी रजिस्ट्री दफ्तर की चाबी

एंटी करप्शन के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रमोद के पास से रजिस्ट्री दफ्तर की चाबी भी मिली है। आरोप है कि वह  रजिस्टार बांसगांव के कहने पर रुपये लेता था और उन्हीं के आदेश पर काम करता है। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है।

बांसगांव उप निबंधक मुन्नीलाल ने कहा कि बांसगांव उप निबंधन कार्यालय में कोई भी प्रमोद नाम का बाबू काम नहीं करता है। प्रमोद नाम का दस्तावेज लेखक है, जो बैनामे के सिलसिले में कार्यालय में आता जाता रहता है। भेंट के एवज की रकम के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। मेरे कार्यालय द्वारा बैनामा के एवज में कोई भी रकम नहीं ली जाती है, जो सरकारी फीस है, वही लेकर रसीद दी जाती है।
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