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आर्थिक पैकेज की घोषणा से उद्योगपतियों के खिले चेहरे, कहा- फिर से उद्योगों को मिलेगी तेज गति
Wed, 13 May 2020 12:00 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2020 12:00 PM IST
सार
- गोरखपुर के उद्योगों को फिर से तेज गति से चलाने के मिल रहे आसार
- उद्योगपति बोले- रुकी हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बाजार में पूंजी की सख्त जरूरत
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gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
वैसे तो 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का प्रारूप क्या होगा वित्त मंत्री के द्वारा इसकी विस्तृत जानकारी देने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस आर्थिक पैकेज की घोषणा से उद्योगपतियों के चेहरे पर मुस्कान छा गई है।
उन्हें अपने उद्योगों को फिर से तेज गति से चलाने के आसार नजर आने लगे हैं। वही विशेषज्ञों के अनुसार यह देश को औद्योगिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में बढ़ाया गया प्रधानमंत्री का ऐसा कदम है जिससे देश की फैक्ट्रियों की जरूरतों संबंधी कच्चे माल से लेकर उत्पादों तक अन्य देशों पर निर्भरता पूरी तरह से खत्म हो जाए।
उद्योगपति बोले - देश की रुकी हुई अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए बाजार में पूंजी की सख्त जरूरत है। इसके लिए या तो नोट छापने की जरूरत पड़ेगी या फिर अन्य किसी संसाधन के जरिए पूंजी जुटाने की।
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प्रधानमंत्री की 20 लाख करोड़ रूपए का आर्थिक पैकेज की घोषणा इस दिशा में बढ़ाया गया एक ऐसा कदम है जिसके लिए पूंजीपति लॉक डाउन शुरू होने के बाद से ही इंतजार कर रहे थे। आकाश जालान, उद्योगपति - उद्योगों की जो हालत है उसमें बिना पैसा और श्रम की निवेश किए सुधार की कोई भी संभावना नहीं है। लेकिन लॉक डाउन के वजह से लगभग तमाम उद्योगों की स्थिति डांवाडोल हो चुकी है।
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उन्हें अपने उद्योगों को फिर से तेज गति से चलाने के आसार नजर आने लगे हैं। वही विशेषज्ञों के अनुसार यह देश को औद्योगिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में बढ़ाया गया प्रधानमंत्री का ऐसा कदम है जिससे देश की फैक्ट्रियों की जरूरतों संबंधी कच्चे माल से लेकर उत्पादों तक अन्य देशों पर निर्भरता पूरी तरह से खत्म हो जाए।
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उद्योगपति बोले - देश की रुकी हुई अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए बाजार में पूंजी की सख्त जरूरत है। इसके लिए या तो नोट छापने की जरूरत पड़ेगी या फिर अन्य किसी संसाधन के जरिए पूंजी जुटाने की।
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प्रधानमंत्री की 20 लाख करोड़ रूपए का आर्थिक पैकेज की घोषणा इस दिशा में बढ़ाया गया एक ऐसा कदम है जिसके लिए पूंजीपति लॉक डाउन शुरू होने के बाद से ही इंतजार कर रहे थे। आकाश जालान, उद्योगपति - उद्योगों की जो हालत है उसमें बिना पैसा और श्रम की निवेश किए सुधार की कोई भी संभावना नहीं है। लेकिन लॉक डाउन के वजह से लगभग तमाम उद्योगों की स्थिति डांवाडोल हो चुकी है।
प्रधानमंत्री के द्वारा आर्थिक पैकेज की घोषणा उद्योगों के लिए राहत प्रदान करने वाली है। एमएसएमई सेक्टर को भी विभिन्न प्रकार की रियायत का इंतजार है। वजह यह है कि फैक्ट्री लोन पर चलती है और अगर सरकार की तरफ से इस दिशा में कुछ सपोर्ट मिलता है तो औद्योगिक विकास की गति फिर से उसी रफ्तार से तेज हो जाएगी।
नवीन अग्रवाल निदेशक क्रेजी ब्रेड - 20 लाख करोड़ रुपए की आर्थिक पैकेज की घोषणा बहुत बड़ी रकम है। निश्चित तौर पर यह देश की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने वाला साबित होगा। लेकिन प्रधानमंत्री के संबोधन में जो सबसे बड़ी बात है वह देश की अर्थव्यवस्था को स्वदेशी के जरिए आत्मनिर्भर बनाने की है।
इसका फायदा यह होगा कि देश के एमएसएमई सेक्टर काफी तेज गति से बूस्ट करेंगे। साथ ही काफी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। आरएन सिंह निदेशक वेल्ड इंडिया - लॉक डाउन की वजह से उद्योगपतियों में काफी ज्यादा निराशा के भाव आ गए थे। प्रधानमंत्री के आर्थिक पैकेज की इस घोषणा से उम्मीद की किरण जगी है।
नवीन अग्रवाल निदेशक क्रेजी ब्रेड - 20 लाख करोड़ रुपए की आर्थिक पैकेज की घोषणा बहुत बड़ी रकम है। निश्चित तौर पर यह देश की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने वाला साबित होगा। लेकिन प्रधानमंत्री के संबोधन में जो सबसे बड़ी बात है वह देश की अर्थव्यवस्था को स्वदेशी के जरिए आत्मनिर्भर बनाने की है।
इसका फायदा यह होगा कि देश के एमएसएमई सेक्टर काफी तेज गति से बूस्ट करेंगे। साथ ही काफी संख्या में रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। आरएन सिंह निदेशक वेल्ड इंडिया - लॉक डाउन की वजह से उद्योगपतियों में काफी ज्यादा निराशा के भाव आ गए थे। प्रधानमंत्री के आर्थिक पैकेज की इस घोषणा से उम्मीद की किरण जगी है।
अभी इस आर्थिक पैकेज का प्रारूप स्पष्ट नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री के संबोधन से एमएसएमई सेक्टर पूरी तरह से आश्वस्त है कि उनकी बेहतरी के लिए सरकार के द्वारा कुछ न कुछ ऐसा कदम उठाया जाएगा जो ना सिर्फ ठप बड़े उद्योगों को गति प्रदान करेगा बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनने में भी काफी सहायक साबित होगा।
हरिहर सिंह डायरेक्टर नेशनल इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञ बोले अभी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ की आर्थिक पैकेज की घोषणा की है लेकिन अभी इसके प्रारूप वित्त मंत्री के उद्बोधन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा हो पाएगा कि इस आर्थिक पैकेज को किस प्रारूप में लागू किया जाना है।
लेकिन उनके उद्बोधन से यह स्पष्ट है कि उनका सारा फोकस कृषि क्षेत्र, एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देकर ज्यादा से ज्यादा रोजगार का सृजन करना है। साथ ही स्वास्थ्य के सेक्टर को स्वदेशी के जरिए आत्मनिर्भर बनाने की कुछ योजना तैयार की जाएगी।
इसके अलावा उनका संगीत देश की आधारभूत संरचना को मजबूती देकर अर्थव्यवस्था को नसीब मजबूत बनाना है बल्कि स्वदेशी के जरिए अन्य देशों पर निर्भरता को कुछ हद तक खत्म करना भी है। इसके साथ ही कोरोनावायरस की वजह से उपजे कठिन समय या परिस्थिति को भी देश की अर्थव्यवस्था को एक अवसर के रूप में तब्दील करने की उनकी सोच भी परिलक्षित होती है। प्रोफेसर एचएस वाजपेई शिक्षक वाणिज्य गोरखपुर विश्वविद्यालय
हरिहर सिंह डायरेक्टर नेशनल इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञ बोले अभी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ की आर्थिक पैकेज की घोषणा की है लेकिन अभी इसके प्रारूप वित्त मंत्री के उद्बोधन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा हो पाएगा कि इस आर्थिक पैकेज को किस प्रारूप में लागू किया जाना है।
लेकिन उनके उद्बोधन से यह स्पष्ट है कि उनका सारा फोकस कृषि क्षेत्र, एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देकर ज्यादा से ज्यादा रोजगार का सृजन करना है। साथ ही स्वास्थ्य के सेक्टर को स्वदेशी के जरिए आत्मनिर्भर बनाने की कुछ योजना तैयार की जाएगी।
इसके अलावा उनका संगीत देश की आधारभूत संरचना को मजबूती देकर अर्थव्यवस्था को नसीब मजबूत बनाना है बल्कि स्वदेशी के जरिए अन्य देशों पर निर्भरता को कुछ हद तक खत्म करना भी है। इसके साथ ही कोरोनावायरस की वजह से उपजे कठिन समय या परिस्थिति को भी देश की अर्थव्यवस्था को एक अवसर के रूप में तब्दील करने की उनकी सोच भी परिलक्षित होती है। प्रोफेसर एचएस वाजपेई शिक्षक वाणिज्य गोरखपुर विश्वविद्यालय
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