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गोरखपुर: कलेक्ट्रेट परिसर से रजिस्ट्री दफ्तर हटाने की तैयारी, जानिए कहां हो सकता है इसका नया ठिकाना
Thu, 26 Nov 2020 12:51 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 26 Nov 2020 12:51 PM IST
सार
- शहर में स्थित आरटीओ कार्यालय हो सकता है रजिस्ट्री दफ्तर का नया ठिकाना
- रिकार्ड रूम कलेक्ट्रेट में ही रहेगा, एआईजी और सब रजिस्ट्रार के दफ्तर शिफ्ट होंगे
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गोरखपुर कलेक्ट्रेट।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कलेक्ट्रेट परिसर से भीड़ कम करने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की तैयारी है। आरटीओ कार्यालय, रजिस्ट्री दफ्तर का नया ठिकाना हो सकता है। इसे लेकर तैयारियां चल रहीं हैं। एआईजी स्टांप कमलेश शुक्ला आरटीओ परिसर का निरीक्षण कर चुके हैं।
आरटीओ कार्यालय जल्द ही गीडा स्थित अपने नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा। इसके स्थानांतरित होते ही रजिस्ट्री कार्यालय, आरटीओ कार्यालय में शिफ्ट किया जा सकता है। अगले एक पखवारे में आरटीओ के गीडा में शिफ्ट हो जाने की उम्मीद है। काफी पुरानी होने की वजह से आरटीओ कार्यालय की इमारत जर्जर हो चुकी है।
बरसात के मौसम में कई कमरों की छतों से पानी टपकता है। ऐसे में रिकार्ड की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो जाता। ऐसे में यह सुझाव दिया गया कि रजिस्ट्री दफ्तर का रिकार्ड रूम कलेक्ट्रेट में ही रहने दिया जाए। एआईजी स्टांप के साथ ही सदर तहसील क्षेत्र के दोनों सब रजिस्ट्रार के दफ्तर आरटीओ में शिफ्ट कर दिए जाएं।
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आरटीओ कार्यालय जल्द ही गीडा स्थित अपने नए भवन में शिफ्ट हो जाएगा। इसके स्थानांतरित होते ही रजिस्ट्री कार्यालय, आरटीओ कार्यालय में शिफ्ट किया जा सकता है। अगले एक पखवारे में आरटीओ के गीडा में शिफ्ट हो जाने की उम्मीद है। काफी पुरानी होने की वजह से आरटीओ कार्यालय की इमारत जर्जर हो चुकी है।
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बरसात के मौसम में कई कमरों की छतों से पानी टपकता है। ऐसे में रिकार्ड की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो जाता। ऐसे में यह सुझाव दिया गया कि रजिस्ट्री दफ्तर का रिकार्ड रूम कलेक्ट्रेट में ही रहने दिया जाए। एआईजी स्टांप के साथ ही सदर तहसील क्षेत्र के दोनों सब रजिस्ट्रार के दफ्तर आरटीओ में शिफ्ट कर दिए जाएं।
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कलेक्ट्रेट की इमारत टूटना बड़ी वजह
डीडी लेखकों के भी आरटीओ में ही बैठने की व्यवस्था की जाए। इन्हीं तीन कार्यालयों में ही सबसे ज्यादा भीड़ जुटती है। जिले में शहर एवं उसके आसपास की जमीनों की ही सर्वाधिक खरीद-फरोख्त होती है। ऐसे में सदर के ही दोनों दफ्तरों में सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। दोनों दफ्तरों में रोजाना अलग-अलग 100 के करीब बैनामे होते हैं।
परिसर से भीड़ कम करने के साथ ही कलेक्ट्रेट की पुरानी इमारत को जल्द तोड़े जाने का काम शुरू होनेे से भी रजिस्ट्री दफ्तर को शिफ्ट करने की जरूरत महसूस की जा रही है। कलेक्ट्रेट की नई इमारत बननी है। इसके लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। ऐसे में तोड़फोड़ का काम शुरू होने पर रजिस्ट्री दफ्तर तक आना-जाना और वहां काम करना आसान नहीं होगा।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि कलेक्ट्रेट में भीड़ कम करने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस को जल्द खाली हो जाने वाले आरटीओ भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इससे बैनामा करने जाने वालों को भी सहूलियत होगी। रजिस्ट्री दफ्तर का रिकार्ड रूम नहीं शिफ्ट किया जाएगा।
परिसर से भीड़ कम करने के साथ ही कलेक्ट्रेट की पुरानी इमारत को जल्द तोड़े जाने का काम शुरू होनेे से भी रजिस्ट्री दफ्तर को शिफ्ट करने की जरूरत महसूस की जा रही है। कलेक्ट्रेट की नई इमारत बननी है। इसके लिए कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। ऐसे में तोड़फोड़ का काम शुरू होने पर रजिस्ट्री दफ्तर तक आना-जाना और वहां काम करना आसान नहीं होगा।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि कलेक्ट्रेट में भीड़ कम करने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस को जल्द खाली हो जाने वाले आरटीओ भवन में शिफ्ट किया जाएगा। इससे बैनामा करने जाने वालों को भी सहूलियत होगी। रजिस्ट्री दफ्तर का रिकार्ड रूम नहीं शिफ्ट किया जाएगा।