फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   power car will be removed in trains at railway news

नई तकनीक: ट्रेनों में हटेगी एक पावरकार, यात्रियों को मिलेंगी अतिरिक्त सीटें

Sat, 03 Apr 2021 11:14 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 03 Apr 2021 11:14 AM IST
सार

  • गोरखपुर की दस रेक में एचओजी तकनीक का इस्तेमाल
  • इंजन की बिजली से जलेंगे बल्ब, चलेंगे एसी और पंखे

विज्ञापन
power car will be removed in trains at railway news
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वोत्तर रेलवे में अब एलएचबी कोच में बिजली की सप्लाई इंजन से दी जाएगी। दो में से एक पावर कार हटेगी और यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो जाएंगी। यह संभव होने जा रहा है हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) तकनीक से। गोरखपुर की दस रेकों में इस तकनीक का प्रयोग किया जाएगा, अभी तीन ट्रेनों में प्रयोग के तौर पर लगाया गया है। जबकि अन्य ट्रेनों में लगाने की तैयारी है।

विज्ञापन


एलएचबी आधारित ट्रेनों में हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) प्रणाली रेल परिवहन के लिए एक नई पहल है। अभी गोरखपुर से चलने वाली शालीमार स्पेशल, गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी स्पेशल, गोरखपुर-यशवंतपुर स्पेशल में सभी कोच में बिजली की सप्लाई इसी तकनीक से ही की जा रही है। इससे रेलवे को डीजल के रूप में सालाना करोड़ों रुपये की बचत भी होगी। गोरखपुर होकर जाने वाली दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ट्रेन दुर्ग-नौतनवां स्पेशल में भी एचओजी तकनीक का इस्तेमाल किया जाने लगा है।
विज्ञापन


कोच में सीट लगेंगी, लगेज की भी व्यवस्था
कोच में आधे जगह पर सीटें लगाई जाएंगी और आधा कोच में लगेज रखने की व्यवस्था की जाएगी। इससे यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।



 

महंगे डीजल की होगी बचत

अब इन कोचों में बिजली आपूर्ति के लिए जेनरेटर कारों में डीजल ईंधन को जलाने के बजाय ओवर हेड उपकरण (ओएचई) के माध्यम से सीधे ग्रिड से बिजली लेकर कोच में सप्लाई होगी। पावर कार में एक घंटे में 60 लीटर डीजल जल जाता है। इससे पर्यावरण भी प्रदूषित होता है।   

क्या है एचओजी प्रणाली
इस प्रणाली में इंजन से सीधे इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पावर केबल का उपयोग करके प्रकाश और वातानुकूलन के लिए कोचों में विद्युत आपूर्ति की जाती है। एलएचबी आधारित ट्रेनों के कोचों के लिए विद्युत उत्पादन के सबसे आम तरीके को हेड ऑन जेनरेशन (एचओजी) कहा जाता है।

पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि एलएचबी कोच वाले रेकों को हेड ऑन जेनरेशन तकनीक से युक्त किया जा रहा है। इससे डीजल की बचत होगी और यात्रियों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध होगी। दस ट्रेनों में इसका प्रयोग किया जाएगा।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed