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Gorakhpur News: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो जगहों से लिए आमी नदी के पानी के नमूने

Sun, 16 Nov 2025 01:07 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:07 AM IST
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Pollution Control Board collected water samples of Ami River from two places
गोरखपुर। आमी नदी के मैली होने के मामले में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आमी से दो जगहों पर पानी के नमूने लिए। एक सप्ताह में इसकी रिपोर्ट आ सकती है। बोर्ड ने सरिया नाला और छताई पुल के पास सैंपल लिए हैं।
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अमर उजाला ने 13 नवंबर के अंक में ''''''''सीवेज का पानी...नदी से गंदा नाला हो गई आमी'''''''' शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि इस मामले की शिकायत गौरी बाजार के पर्यावरण कार्यकर्ता अनिल पांडेय ने एनजीटी से की है। एनजीटी ने इस मामले में यूपीपीसीबी, सीपीसीबी और जिला प्रशासन को पत्र लिखकर जांच कराने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इस मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
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बताया जा रहा है कि अब उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने क्षेत्रीय बोर्ड को आमी की पानी की जांच के निर्देश दिए हैं। सरिया नाला के जरिये गीडा क्षेत्र का पानी आमी नदी में जहां गिरता है, उसी के पास पहली सैंपलिंग की गई है। दूसरा नमूना छताई पुल के पास लिया गया है।
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इस संबंध में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आशुतोष चौहान और क्षेत्रीय बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक राम मिलन वर्मा से बातचीत का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका।


जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करे बोर्ड
आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने कहा कि बोर्ड इस जांच की रिपोर्ट सावर्जनिक करे। आमी में प्रदूषण के लिए गीडा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उद्योग जिम्मेदार हैं। धरातल पर स्थिति यह है कि आमी का पानी खराब है। यह देखने लायक होगा कि रिपोर्ट में क्या आता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदूषण विभाग ने सख्ती से नियमों का पालन नहीं कराता तो बोर्ड के ऑफिस में तालाबंदी की जाएगी। उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की।


जल्द शुरू होगी मामले की जांच

एनजीटी में सुनवाई से पहले रिपोर्ट तैयार करनी है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम सहजनवां केसरी नंदन त्रिपाठी, सीपीसीबी की ओर से क्षेत्रीय निदेशक कमल कुमार और यूपीपीसीबी की ओर से क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी आशुतोष चौहान को नामित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह तीन सदस्यीय समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए आमी नदी का निरीक्षण कर सकती है।
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