Exclusive: नए हिस्ट्रीशीटरों को 'प्रायश्चित' करने का मौका देगी पुलिस, अपराध छोड़ नेक रास्ते पर आने को करेगी प्रेरित
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा का मानना है कि पुराने हिस्ट्रीशीटरों की तरह ही नए हिस्ट्रीशीटरों को भी समझाकर रास्ते पर लाने की कोशिश हो सकती है। सुधर गए तो पुराने अपराध की सजा ही मिलेगी और आगे किए तो जिंदगी जेल में ही बीत जाएगी।
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अपराध छोड़ खेती और ऑटो चलाकर जीवन यापन करने वाले पुराने हिस्ट्रीशीटरों की तरह ही नए हिस्ट्रीशीटरों को भी समझाने की पुलिस कोशिश करेगी। हाल के दिनों में हिस्ट्रीशीटर बने 22 बदमाशों को थाने बुलाकर पुलिस काउंसलर और अधिवक्ता की मदद से समझाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि अपराध की लिस्ट लंबी नहीं होगी तो वह समाज की मुख्यधारा से जुड़कर परिवार के साथ रह सकते है। इससे माने तो ठीक, नहीं तो अधिवक्ता उन्हें कानून की भाषा में सजा के प्रावधान बताएंगे।
जानकारी के मुताबिक, हर रविवार को दुराचारी सभा कर पुलिस पुराने हिस्ट्रीशीटरों को थाने में बुलाती है। उन्हें सबके सामने दरी पर बैठाकर पुलिस चेतावनी देती है कि अपराध छोड़ें और कोर्ट में अपनी तारीख पर जरूर जाएं, नहीं तो जमानत निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान पुलिस की सख्ती का असर भी पता चला। मालूम हुआ कि कई ऐसे हिस्ट्रीशीटर हैं, जो पुलिस के दबाव के चलते अपराध के रास्ते को छोड़कर रोजी-रोजगार करने लगे हैं। कोई दिल्ली में कपड़ा बेच रहा है तो कोई खेती, कोई ऑटो चलाकर जीवन जी रहा है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा का मानना है कि पुराने हिस्ट्रीशीटरों की तरह ही नए हिस्ट्रीशीटरों को भी समझाकर रास्ते पर लाने की कोशिश हो सकती है। सुधर गए तो पुराने अपराध की सजा ही मिलेगी और आगे किए तो जिंदगी जेल में ही बीत जाएगी।
एक महीने और होगी दुराचारी सभा
एसएसपी के मुताबिक, थानों पर पुराने हिस्ट्रीशीटरों के लिए चलाए जा रही दुराचारी सभा को एक महीने और बढ़ाया जाएगा, क्योंकि कई ऐसे बदमाश हैं, जो अब भी सामने नहीं आए। इनके बारे में सटीक जानकारी नहीं हो सकी। अगर इसके बाद भी सामने नहीं आए तो उनके जमानतदार को भी बुलाया जाएगा। जमानतदार पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जमानत निरस्त कराकर जेल भिजवाने का काम किया जाएगा।
इनकी खोली गई है हिस्ट्रीशीट
कैंट के मोहद्दीपुर चारफाटक निवासी ओमप्रकाश पांडेय, चिलुआताल के तरहवा निवासी मनोज चौहान, मानबेला निवासी विक्की भारती, गुलरिहा के कोइलबिया निवासी आशीष निषाद, उरुवा बाजार के साहुआपार निवासी अमन दुबे, सई बुजुर्ग निवासी सुभाष यादव, गोला के नारायणपुर खुर्द निवासी सौरभ त्रिपाठी, शाहपुर के मेसी कंपाउंड निवासी सरफराज, बेलघाट के सिधवाना निवासी अजीत मिश्रा उर्फ सोनू, खोराबार के फटकहवा निवासी राहुल कुमार विश्वकर्मा, चिलुआताल के ताजडीह निवासी लल्लू दुबे उर्फ सूर्या, मोहरीपुर निवासी आकाश गुप्ता, रामपुर चक निवासी गौरव यादव, गगहा के मेहदिया निवासी विशाल उर्फ कल्लू समेत 22 की हिस्ट्रीशीट खोली गई है।
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने कहा कि हाल में हिस्ट्रीशीटर बने 22 बदमाशों को सुधारने की कोशिश की जाएगी। इनमें से जो जेल से जमानत पर बाहर हैं, उन्हें बुलाकर काउंसलर और अधिवक्ता के माध्यम से समझाया जाएगा। सुधरे तो ठीक, नहीं तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जानकारी अधिवक्ता उन्हें देंगे। जल्द ही इसकी शुरुआत की जाएगी।