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UP News: छोटी सी बात पर रिश्तों में पड़ी गांठ को खोल रही पुलिस, अब तक 100 से अधिक दंपती को मिली खुशियां

Wed, 04 Jan 2023 03:32 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 04 Jan 2023 03:32 PM IST
सार

जानकारी के मुताबिक, अप्रैल 2021 में डीआईजी जे. रविद्र गौड़ ने इसकी शुरुआत की थी। तब से अब तक रोजाना एक मामले को सुलझाने में पुलिस सफल है। अब तक 100 से अधिक ऐसे मामले सुलझाए गए हैं, जिसमें केस दर्ज हो चुका था या फिर विवाहिता केस दर्ज कराने के लिए अफसरों के पास पहुंची थी।

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Police untiing knot lying in relationship on a small matter
महिला थाने में स्थित परिवार परामर्श केंद्र। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पत्नी-पत्नी के बीच छोटी सी बात मन में घर गई तो कई बार रिश्ते टूटने के कगार पर पहुंच जाते हैं, लेकिन दोनों को एक बार फिर साथ रखने की ईमानदार कोशिश की जाए तो बात बनने में समय भी नहीं लगता।

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कुछ ऐसा नजारा रोजाना ही महिला थाने में स्थित परिवार परामर्श केंद्र में देखने को मिल रहा है। यहां पर टूटने के कगार पर पहुंचे रिश्तों को जोड़ने के लिए कानूनी मुकदमों का हथियार नहीं, बल्कि सुलह समझौते का प्रयास किया जा रहा है। इसका असर यह हुआ है कि हर रोज एक दंपती फिर से एक साथ रहने को राजी हो जा रहे हैं।
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जानकारी के मुताबिक, अप्रैल 2021 में डीआईजी जे. रविद्र गौड़ ने इसकी शुरुआत की थी। तब से अब तक रोजाना एक मामले को सुलझाने में पुलिस सफल है। अब तक 100 से अधिक ऐसे मामले सुलझाए गए हैं, जिसमें केस दर्ज हो चुका था या फिर विवाहिता केस दर्ज कराने के लिए अफसरों के पास पहुंची थी।
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इसमें किसी की शादी को नौ साल गुजर गए थे तो किसी के चार साल। छोटी-सी खटपट में दंपती ने रिश्ते को तोड़ने तक का फैसला कर लिया। महिला थाने में केस दर्ज कराने के लिए महिलाओं की ओर से तहरीर भी आ गई। मगर, पुलिस ने मानवता की पहल की। घरों को फिर से बसाने की कोशिश में महिला परामर्श केंद्र ने दोनों पक्ष को थाने बुलाया। दो से तीन बार समझौता वार्ता के बाद दंपती पुरानी कहासुनी को भूलकर साथ रहने को तैयार हो गए। पुलिस लिखित करारनामा करवा कर दंपती को फिर से घर बसाने की शुभकामनाएं देते हुए घर भेजती है।


 

केस एक
27 दिसंबर को गोरखनाथ इलाके की रहने वाली एक महिला थाने पहुंची थी। प्रार्थना पत्र देकर मांग की कि पति पर केस दर्ज किया जाए। वजह पूछी गई तो बताया कि उसे जब भी घरेलू सामान लाने को भेजती है तो वह दूसरे ब्रांड का लेकर आता है। शादी के बारे में बताया कि दो साल पहले लव मैरिज हुई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता कराया।

केस दो
गीडा इलाके के रहने वाले एक दंपती का निकाह करीब 9 साल पहले हुआ था। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला, मगर इधर तीन साल से रिश्तों में इस कदर तल्खी आ गई थी कि दोनों ने रिश्ते को तोड़कर अलग होने का फैसला कर लिया था। महिला ने वजह बताई कि पति रात में चाय बनाने को कहता है। पुलिस ने दोनों पक्ष को समझा, परिवार वालों को भी शामिल किया और फिर से साथ भेजा।

ऐसे काम करती है टीम
काउंसलर प्रिया कुमारी, डॉ. विकास रंजन मणि त्रिपाठी, प्रभारी भूपेंद्र मिश्रा, डॉ. प्रियंका, सिपाही कौशल्या चौहान आदि की टीम है। टीम दोनों पक्ष को बुलाने के बाद काउंसिलिंग करती है। सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, नैतिक दायित्वों के पहलुओं पर समझाया जाता है। इसके साथ ही कानूनी दांव-पेंच भी बताए जाते हैं। फिर दंपती के तैयार होने पर समझौता कराकर साथ भेजा जाता है। नहीं मानने पर केस दर्ज कर फिर कानूनी कार्रवाई की जाती है।

डीआईजी जे. रविंद्र गौड़ ने कहा कि कई लोग छोटी-छोटी बातों पर रिश्ता खत्म करने का फैसला कर लेते हैं। ऐसे कई प्रार्थनापत्र आते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस की पहली कोशिश होती है कि रिश्तों को कानूनी जाल में फंसाने की जगह बातचीत के जरिये सुलझा कर फिर से बसाया जाए। परिवार परामर्श केंद्र पर ऐसे ही मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निपटारा कराया जाता है। पुलिस को इसमें अच्छी कामयाबी मिली है।

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