आईएमए और अमर उजाला फाउंडेशन की पहल: डॉक्टर्स डे पर शहीद चिकित्सकों को नमन कर उनके नाम पर लगाए गए पौधे
शहीद चिकित्सकों के नाम पर सीतापुर आई हॉस्पिटल में लगे पौधे, शहीद डॉक्टरों को ऑनलाइन श्रद्धांजलि देते हुए संगोष्ठी का भी हुआ आयोजन
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कोरोना से जंग में शहीद होने वाले चिकित्सकों को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की गोरखपुर इकाई और अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से डॉक्टर्स-डे के मौके पर नमन किया गया। उनकी शहादत पर वन विभाग के सहयोग से सीतापुर आई हॉस्पिटल के परिसर में उनके नाम पर अलग-अलग पौधे भी लगाएं गए। हर पौधा जान गंवाने वाले चिकित्सकों के नाम पर समर्पित हुआ। सुबह नौ बजे पौधरोपण के बाद दिन में एक बजे शहीद हुए डॉक्टरों को ऑनलाइन श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही कोरोना कॉल में स्वास्थ्य के प्रति चुनौतियां और तीसरी लहर से निपटने के उपाय पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि डॉक्टर्स-डे चिकित्सकों के लिए एक यादगार दिन है। लेकिन कोरोना महामारी ने चिकित्सकों को दर्द भी दिया है। यह दर्द अपनों को खोने का हैं। कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर में शहीद हुए हमारे साथी अब हमारे बीच नहीं है। मीडिया समूह की पहल पर उनके नाम पर लगे यह पौधे हमें यह याद दिलात रहेंगे कि वह हर कदम पर हमारे साथ हैं। इन पौधों की देखभाल करना हमारी जिम्मेदारी होगी।
सचिव डॉ वीएन अग्रवाल ने कहा कि पहली और दूसरी लहर में जिले के 15 चिकित्सकों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी है। इन चिकित्सकों को नमन करने के लिए डॉक्टर्स-डे से अच्छी कोई तिथि नहीं हो सकती थी। उनके नाम पर लगे पौधे आने वाले युवा चिकित्सकों को यह संदेश देंगे कि कोरोना महामारी में किस तरह साथियों ने लड़कर मरीजों की जान बचाई थी।
आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ आरपी त्रिपाठी ने कहा कि हमारे साथियों ने खुद की परवाह न करते हुए दूसरों की जान बचा गए। उनके सम्मान में लगे यह पौधे हमे हमेशा उनकी याद दिलाते रहेंगे। इसके बाद एक-एक करके चिकित्सकों ने 15 शहीद चिकित्सकों के नाम पर पौधरोपण कर उसकी सुरक्षा का संकल्प भी लिया। इस मौके पर शहर के कई वरिष्ठ चिकित्सकों की मौजदूगी रहीं।
हमारे बीच न रहने वाले कोरोद्धा के नाम पर लगे पौधे
डॉ आरएस डोगरा के नाम पर नीम का पौधा, डॉ रजनीकांत आंवला, डॉ एम ग्यासुद्दीन जामुन, डॉ ओपी सिंह नीम, डॉ आरके आजमी अमलताश, डॉ जीआर आनंद अशोक का पौधा, डॉ वीरेंद्र बहादुर सिंह टैपियोका, डॉ अखिलेश पासवान जामुन, डॉ एसएन पाठक गुलमदार, डॉ जीतेंद्र पाल नीम, डॉ हरिद्वार गौड़ अशोक का पौधा, डॉ धर्मेंद्र गौतम यूकेलिप्टस, डॉ प्रणेश निगम जामुन, डॉ वीएम भाटिया आंवला, डॉ अब्दुल रशीद के नाम पर जामुन का पौधा लगाया गया।
इन चिकित्सकों की रही मौजूदगी
अध्यक्ष डॉ मंगलेश श्रीवास्तव, आईएम के पूर्व अध्यक्ष डॉ आरपी त्रिपाठी, डॉ नदीम अरशद, डॉ डीके सिंह, डॉ जेपी जायसवाल, डॉ वाई सिंह, डॉ रत्नेश् तिवारी, डॉ आरएन सिंह, डॉ अजय शुक्ला, डॉ भारतेंदु जैन, आईएमए उपाध्यक्ष डॉ एन त्रिगुण, डॉ शशिकांत दीक्षित, डॉ इमरान अख्तर, डॉ महेंद्र गुप्ता, डॉ संजीव गुप्ता, डॉ रजत कुमार आदि मौजूद रहे।
तीसरी लहर से बचने का कोविड टीका ही सबसे सुरक्षित और असरदार उपाय: आईएमए
शहीद डॉक्टरों की याद में पौधरोपण के बाद ऑनलाइन श्रद्धांजलि भी दी गई। इसी क्रम में इन्हीं चिकित्सकों की याद में ऑनलाइन संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें कोरोना कॉल में स्वास्थ्य के प्रति चुनौतियां और तीसरी लहर से निपटने के उपाय पर चर्चा की गई। संगोष्ठी में आईएमए के अध्यक्ष डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। इस महामारी की वजह से अब निजी अस्पताल भी काफी हद तक तैयार हो गए हैं। ऑक्सीजन, वेंटिलेटर जैसी उपयोगी संसाधन अब निजी अस्पतालों में बढ़ने लगे हैं। इस बीच तीसरी लहर के सवाल पर कहा कि टीका ही सबसे सुरक्षित और कारगार साधन है। ऐसे में लोग टीका जरूर लगवाएं।
सचिव डॉ वीएन अग्रवाल ने शहीद साथियों को श्रद्धांजलि दी। कहा कि कोरोना ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई चुनौतियां बढ़ा दी है। महामारी से लड़ने के लिए संसाधन बेहतर करने होंगे। संसाधन के अभाव में कईयों की जान चल गई। उस कमी को अब निजी अस्पताल दूर कर रहे हैं। तीसरी लहर से बचने का सबसे जरूरी उपाय टीका है। इसलिए टीका जरूर लगवाएं।
डॉ अजय शुक्ला ने कहा कि पहली और दूसरी लहर में संसाधन कम थे, जबकि मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई। इसकी वजह से कईयों की जान चली गई। लेकिन तीसरी लहर से पहले सब कुछ तैयार किया जा रहा है। निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। बच्चों के आईसीयू वार्ड बनाए जा रहे हैं। सीरो सर्वे में यह बात भी सामने आ चुकी है कि जिले के 85 प्रतिशत लोग संक्रमित हो चुके हैं। ऐसे में तीसरी लहर से काफी हद तक बड़ी आबादी प्रभावित नहीं होगी।
आईएम के पूर्व सचिव डॉ राजेश गुप्ता ने कहा कि जो लोग टीका लगवा सकते हैं। वह टीका जरूर लगवाएं। नई गाइडलाइन के तहत अब गर्भवती और स्तनपान कराने वाली भी टीका लगवा सकती है। इससे बच्चों को भी इम्युनिटी मिलेगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायॉलोजी विभागाध्यक्ष डॉ अमरेश सिंह ने बताया कि पहली और दूसरी लहर में महामारी ने बहुत कुछ सीखा दिया है। यही वजह है कि तीसरी लहर से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। बीआरडी में 100 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड बनकर तैयार हो गया है। जांच के लिए अतरिक्त मशीनें भी आ गई है।
आईएमए के मीडिया प्रभारी डॉ अमित मिश्रा ने कहा कि महामारी ने यह संकेत दिए हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में संसाधन बढ़ाने की जरूरत है। तीसरी लहर से पहले यह तैयारी अगर पूरी हो जाती है तो हमें कम नुकसान उठाना पड़ेगा। अगर वही हालात रहे तो स्थिति भयावह हो सकती है। ऐसे में लोग टीका जरूर लगवाएं।