फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   person without degree did an operation patient died in Gorakhpur

UP News: गोरखपुर में बिना डिग्री वाले ने किया ऑपरेशन, मरीज की मौत, मचा हंगामा

Tue, 09 Aug 2022 09:49 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 09 Aug 2022 09:49 AM IST
सार

एसीएमओ डॉ एके सिंह ने कहा कि मामले की जांच की गई तो अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला। बिना नाम और पंजीकरण के इलाज किया जा रहा था। अस्पताल को सील कर दिया गया है। शिकायत की जांच कराई जा रही है। मामला सही मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
person without degree did an operation patient died in Gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : istock

विस्तार

गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बिना डिग्री वाले चंदन ने मरीज का ऑपरेशन कर दिया। तबीयत खराब होने पर मरीज राम आशीष को दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान राम आशीष की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने चंदन के आयुष अस्पताल पर हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस आई और स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष अस्पताल को सील कर दिया है। चंदन फरार है।

विज्ञापन


खोराबार थाना क्षेत्र के कुसम्ही मोतीराम अड्डा मार्ग पर आयुष अस्पताल संचालित किया जाता है। आरोप है कि अस्पताल का संचालन बिना डिग्री वाला पश्चिम बंगाल का रहने वाला चंदन करता है। रविवार को चंदन ने खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल रामगढ़ उर्फ रजही निवासी राम आशीष का बवासीर का ऑपरेशन किया था। चंदन ने खुद को डॉक्टर बताया था। आरोप है कि चंदन के ऑपरेशन करने के बाद राम आशीष की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद राम आशीष को तारामंडल के एक अस्पताल में भेज दिया।
विज्ञापन


रविवार देर रात राम आशीष की मौत हो गई। नाराज परिजन सोमवार सुबह राम आशीष का शव लेकर आयुष अस्पताल पहुंच गए। गलत तरीके से इलाज का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। आरोप है कि अस्पताल संचालक और उसके लोगों ने राम आशीष के परिजनों से मारपीट भी की है। जब भीड़ बढ़ी तो संचालक अस्पताल बंद करके भाग गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामले की सूचना पर सीओ कैंट और खोराबार पुलिस पहुंची। सबको समझाकर मामला शांत कराया, फिर मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची तो बोर्ड तक गायब मिला। अस्पताल का पंजीकरण नहीं था। लिहाजा, अस्पताल को सील कर दिया गया है।


एसीएमओ डॉ एके सिंह ने कहा कि मामले की जांच की गई तो अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला। बिना नाम और पंजीकरण के इलाज किया जा रहा था। अस्पताल को सील कर दिया गया है। शिकायत की जांच कराई जा रही है। मामला सही मिला तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed