एक्सक्लूसिव: मंदिर के लिए दान देकर कमा रहे पुण्य, आयकर में भी छूट का उठा रहे लाभ
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अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए दान देना धर्मार्थ कार्य के साथ कर निर्धारण में भी लाभप्रद साबित हो रहा है। लोग धार्मिक वजहों से दान दे रहे हैं, लेकिन उन्हें आयकर में भी छूट का लाभ मिल रहा है। यही वजह है कि जिन्हें आयकर बचत का लाभ लेना है, वह दान राशि की रसीद जरूर ले रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए आयकर दाता 31 मार्च तक रिटर्न दाखिल करने की तैयारी में हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत निवेश और धारा 80 जी के तहत पंजीकृत संस्थाओं को दान देने में लोग अपनी आय और छूट का गणित संयोजित कर रहे हैं। व्यापारियों के लिए अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए समर्पण राशि देना पहली पसंद बनी हुई है। इससे धार्मिक दान के साथ उनका प्रचार भी हो रहा है। इनके अलावा अन्य श्रेणी के करदाता भी इस दान में विशेष रुचि ले रहे हैं।
करमुक्त है मंदिर निर्माण का दान
आयकर अधिवक्ता अनिल कुमार पांडेय के अनुसार, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने ऐतिहासिक महत्व के धार्मिक स्थल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में किए गए दान को कर मुक्त करने का प्रावधान किया है। कर निर्धारण की दृष्टि से भी यह दान बेहतर विकल्प बन गया है।
करदाताओं के लिए दो विकल्प
आयकर विभाग ने पुराने और नए टैक्स स्लैब के रूप में दो विकल्प दिए हैं। नए स्लैब में कर निर्धारण की श्रेणी अधिक है, लेकिन इसमें किसी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है। आयकर अधिवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि जिन करदाताओं ने बचत की है, उनके लिए पुराने स्लैब के अनुसार रिटर्न दाखिल करना फायदेमंद होगा।
कैसे छूट मिलती है 80 सी के तहत
निवेश आयकर अधिनियम की 80 सी के तहत निर्धारित योजनाओं में निवेश की रकम कर मुक्त होती है। इसमें एलआईसी, एनपीएस, पीपीएफ, पीएफ, जीपीएफ, एनएससी, एफडी, म्यूचुअल फंड, सुकन्या समृद्धि योजना में बचत एवं होम लोन की किस्त में जमा की गई मूलधन की राशि, शिक्षण शुल्क को कुल आय से घटा दिया जाता है। अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर निर्धारण में लाभकारी हो सकता है।
अधिकतम दस फीसदी करमुक्त होती है दान की रकम
धारा 80 जी के तहत पंजीकृत धर्मार्थ संस्था एवं ट्रस्ट को दिया गया दान कर मुक्त होता है। कुल आय से धारा 80 सी से 80 यू तक की रकम घटाने के बाद शेष आय की अधिकतम दस फीसदी दान की रकम करमुक्त होती है।
लोग बोले
- चेंबर ऑफ ट्रेडर्स साहबगंज के अध्यक्ष अनूप किशोर अग्रवाल ने बताया कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए जमा की गई राशि कर मुक्त है। आस्था के साथ आयकर की बचत भी हो रही है। ज्यादातर व्यापारी दान कर रहे हैं।
- व्यापारी कल्याण बोर्ड के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्प दंत जैन ने बताया कि श्रीराम मंदिर के लिए 2.51 लाख दान दिया है। अन्य व्यापारियों के माध्यम से 15 लाख रुपये जमा कराया गया है। हर दिन दान के लिए रसीद बनाई जा रही है।
- कपड़ा व्यापारी महेंद्र प्रताप शाही ने बताया कि श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए 17 हजार एक सौ रुपये दान दिया है। नियम के अनुसार कर में छूट मिल रही है तो उसका लाभ भी प्राप्त करेंगे।
- गोरक्षनाथ पूर्वांचल विकास मंच के प्रदेश कोषाध्यक्ष अनिल जायसवाल ने बताया कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 11 हजार दान दिया है। किराना कमेटी के व्यापारी भी इस बार दान देने में मंदिर निर्माण का ही विकल्प चुन रहे हैं।