{"_id":"619f170f34d63f64d365f1ae","slug":"people-coming-under-of-expansion-of-goddhoia-nala-in-gorakhpur-will-get-compensation","type":"story","status":"publish","title_hn":"तैयारी: गोरखपुर के इस नाले के विस्तार की जद में आने वालों को मिलेगा मुआवजा, शासन को भेजी जा चुकी है 144 करोड़ की डीपीआर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तैयारी: गोरखपुर के इस नाले के विस्तार की जद में आने वालों को मिलेगा मुआवजा, शासन को भेजी जा चुकी है 144 करोड़ की डीपीआर
Thu, 25 Nov 2021 10:24 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 25 Nov 2021 10:24 AM IST
सार
नौ किमी लंबे नाले के निर्माण के लिए शासन को 144 करोड़ की डीपीआर भेजी जा चुकी है। अब मुआवजे की धनराशि जुड़ने के बाद फिर संशोधित डीपीआर भेजी जाएगी।
विज्ञापन
गोड़धोइया नाला।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर शहर के प्रमुख गोड़धोइया नाले के विस्तार की जद में जिनकी जमीन आएगी, प्रशासन उन्हें मुआवजा भी मुहैया कराएगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गईं हैं। इस नाले के विस्तार से शहर के दो दर्जन से अधिक मोहल्लों में जलभराव की समस्या से राहत मिल जाएगी।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा नौ किलोमीटर 682 मीटर लंबे इस नाले के निर्माण के लिए 144 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को पहले ही भेजी जा चुकी है। मगर नाले के विस्तार में कुछ लोगों के घर भी आ रहे हैं। ऐसे में सभी प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का भी निर्णय किया गया है। यही वजह है कि अब मुआवजे की राशि जोड़कर फिर से संशोधित डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
कई स्थानों पर खत्म हो चुका है नाले का वजूद
मेडिकल कॉलेज रोड के किनारे की दर्जनों कालोनियों का पानी गोड़धोइया नाला होते हुए रामगढ़ताल में जाता है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पीछे से शाहगंज, बिछिया होते हुए रामगढ़ताल में जाकर मिलने वाले नौ किमी से अधिक लंबे इस नाले पर तमाम जगह कब्जा हो चुका है। कुछ स्थानों पर तो नाले का वजूद ही खत्म हो गया है। अतिक्रमण की ही वजह से कभी भी इस नाले की ठीक से सफाई नहीं हो पाती है।
विज्ञापन
पिछले महीने राप्तीनगर में सफाई अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोड़धोइया नाले के निर्माण के साथ ही इसका विस्तार कराने का निर्देश दिया था जिसके बाद से नाले के निर्माण की कवायद शुरू हई। शहर के ड्रेनेज सिस्टम का मास्टर प्लान बनाने वाली कंपनी जियोनो से जीडीए ने गोड़धोइया नाले के विस्तार की डीपीआर तैयार कराई है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि नौ किमी लंबे नाले के निर्माण के लिए पहले भेजी गई 144 करोड़ की डीपीआर फिर से तैयार कराई जा रही है। जल्द ही इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।
विज्ञापन
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा नौ किलोमीटर 682 मीटर लंबे इस नाले के निर्माण के लिए 144 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) शासन को पहले ही भेजी जा चुकी है। मगर नाले के विस्तार में कुछ लोगों के घर भी आ रहे हैं। ऐसे में सभी प्रभावित लोगों को मुआवजा देने का भी निर्णय किया गया है। यही वजह है कि अब मुआवजे की राशि जोड़कर फिर से संशोधित डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
विज्ञापन
कई स्थानों पर खत्म हो चुका है नाले का वजूद
मेडिकल कॉलेज रोड के किनारे की दर्जनों कालोनियों का पानी गोड़धोइया नाला होते हुए रामगढ़ताल में जाता है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पीछे से शाहगंज, बिछिया होते हुए रामगढ़ताल में जाकर मिलने वाले नौ किमी से अधिक लंबे इस नाले पर तमाम जगह कब्जा हो चुका है। कुछ स्थानों पर तो नाले का वजूद ही खत्म हो गया है। अतिक्रमण की ही वजह से कभी भी इस नाले की ठीक से सफाई नहीं हो पाती है।
विज्ञापन
पिछले महीने राप्तीनगर में सफाई अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोड़धोइया नाले के निर्माण के साथ ही इसका विस्तार कराने का निर्देश दिया था जिसके बाद से नाले के निर्माण की कवायद शुरू हई। शहर के ड्रेनेज सिस्टम का मास्टर प्लान बनाने वाली कंपनी जियोनो से जीडीए ने गोड़धोइया नाले के विस्तार की डीपीआर तैयार कराई है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि नौ किमी लंबे नाले के निर्माण के लिए पहले भेजी गई 144 करोड़ की डीपीआर फिर से तैयार कराई जा रही है। जल्द ही इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।