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जीडीए: भरोसा जगा तो बढ़ गए फरियादी, मानचित्र आवेदनों में 15 दिन में तीन गुना वृद्धि

Thu, 19 Aug 2021 12:28 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 19 Aug 2021 12:28 PM IST
सार

जीडीए में मानचित्र आवेदनों में 15 दिन में तीन गुना वृद्धि। एक से 15 अगस्त के बीच मानचित्र के 83 आवेदन आए। 46 के मानचित्र स्वीकृत, बाकी का चल रहा निस्तारण।

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People affected by change in working style of officers and employees in GDA Office Gorakhpur
गोरखपुर विकास प्राधिकरण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) में पिछले पखवारे भर के भीतर ही अफसरों, कर्मचारियों की कार्यशैली में आए बदलाव को देख लोगों में भी भरोसा जगने लगा है। छोटी-छोटी कमियों के लिए दौड़ाए जाने से तंग आकर जहां तमाम लोगों ने मानचित्र के लिए आवेदन करना ही बंद या कम कर दिया था वहीं अब तेजी से लोग आगे आ रहे हैं। आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। एक अगस्त से 15 अगस्त के बीच मानचित्र के आनलाइन आवेदनों की संख्या में करीब तीन गुनी वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान 83 मामले आए जिनमें से 46 के मानचित्र स्वीकृत हो गए। बाकी की स्वीकृति के लिए प्रक्रिया तेजी से चल रही है। एक जुलाई से 15 जुलाई के बीच 29 आवेदन आए थे जिनमें से 15 स्वीकृत हुए।  
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यह बदलाव नवागत उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह की सख्ती के बाद देखने को मिल रहा है। मानचित्र और नामांतरण के मामलों को लेकर सर्वाधिक लोग परेशान रहते हैं। उन्होंने कार्यभार संभालते ही सबसे पहले ऐसे आवेदकों को ही राहत दिलाने की दिशा में प्रयास शुरू किया। कैंप लगाए। लोगों को फोन कर प्राधिकरण बुलाया।
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फरियादियों को सम्मान देने के साथ तुरंत निस्तारित होने वाले मामलों में समय नहीं लगाने की अभियंताओं और कर्मचारियों में कार्यपद्धति विकसित की। नतीजा यह रहा कि एक से 21 साल तक के लटके मानचित्र और नामांतरण के मामले चंद घंटों और दिनों में निस्तारित हुए। इससे जीडीए को भी 20 करोड़ रुपये की आय हुई। मानचित्र के आवेदन बढ़ने से अवैध निर्माण पर तो रोक लगेगी ही प्राधिकरण की भी आय में इजाफा होगा।
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दो दिनों में 38 मामले आए, 20 का निस्तारण

जीडीए में मंगलवार एवं बुधवार को सुबह 10 से 12 बजे के जनता दर्शन के दौरान उपाध्यक्ष के सामने 38 मामले आए। उपाध्यक्ष ने पास बैठे अधिकारियों, अभियंताओं को संबंधित मामले सौंपे। इसका असर यह हुआ कि मौके पर ही 20 मामलों को निस्तारण हो गया। बाकी मामलों को एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने का निर्देश दिया। मंगलवार को उपाध्यक्ष से मिले किशोरी लाल गुप्ता के संपत्ति का मामला 10 साल से लंबित था। इस मामले में सुनवाई करते हुए उपाध्यक्ष ने इसे मंगलवार को ही निस्तारित करा दिया।
 
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि मानचित्र के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जीडीए में पिछले 15 दिनों के भीतर मानचित्र के लिए आए आनलाइन आवेदनों में करीब तीन गुना की वृद्धि हुई है। ज्यादातर के मानचित्र स्वीकृत कर दिए गए हैं। जो बचे हैं उनके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। यदि किसी को भी समस्या हो तो वे सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच कार्यालय में आकर सीधे मुझसे मिल सकते हैं।
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