Paush month 2021: पौष मास आज से, श्रद्धालु करेंगे सूर्य उपासना
इस मास रविवार को व्रत रखा गया है। इस दिन भगवान सूर्य को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। इस दौरान क्रिसमस व मकर संक्रांति सहित कई प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे।
विस्तार
पौष मास की शुरुआत रविवार से हो रही है। जो अगले वर्ष 17 जनवरी पौष पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। हिंदू पंचाग के अनुसार, साल के दसवें महीने को पौष का माह कहा जाता है। हिंदू महीनों के नाम नक्षत्रों पर आधारित हैं। पौष मास की पूर्णिमा को चंद्रमा पुष्य नक्षत्र में रहते हैं इसलिए इसे पौष का मास कहा जाता है।
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार, पौष मास में ठंड अधिक होती है इसलिए इस मास में भगवान सूर्य की उपासना का विशेष महत्व है। पौष मास में सूर्य को अर्घ्य देने व इनका उपवास रखने का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस मास प्रत्येक रविवार व्रत रखने और तिल चावल की खिचड़ी का भोग लगाने से मनुष्य तेजस्वी बनता है। बताया कि इस मास कई कई व्रत एवं त्योहार मनाए जाते हैं।
पौष मास के व्रत एवं त्योहार
22 दिसंबर संकष्टी चतुर्थी, 25 दिसंबर क्रिसमस डे, 26 दिसंबर भानु सप्तमी, 30 दिसंबर सफला एकादशी, 31 दिसंबर शुक्र प्रदोष व्रत, एक जनवरी मासिक शिवरात्रि, दो जनवरी पौष अमावस्या, छह जनवरी विनायक चतुर्थी, नौ जनवरी गुरु गोविंद सिंह जयंती, 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद जयंती, 13 जनवरी पौष पुत्रदा एकादशी, वैकुंठ एकादशी, 14 जनवरी मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल, सूर्य का उत्तरायण, खरमास का समापन, 15 जनवरी शनि प्रदोष व्रत, 17 जनवरी पौष पूर्णिमा।