फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Patients arriving Hospital with insomnia complaints after lockdown in gorakhpur

लॉकडाउन के बाद इस बीमारी की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीज, ये है बड़ी वजह

Fri, 05 Jun 2020 03:10 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 05 Jun 2020 03:10 PM IST
सार

  • लॉकडाउन के बाद अनिद्रा की शिकायत लेकर पहुंच रहे मरीज
  • बीआरडी में ऐसे मरीजों के रोज हो रहे 15-20 रजिस्ट्रेशन
  • फोन पर डॉक्टरों को सलाह देने में हो रही परेशानी

विज्ञापन
Patients arriving Hospital with insomnia complaints after lockdown in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Social media

विस्तार

लॉकडाउन खत्म होने के बाद अब लोगों को भविष्य की चुनौतियां, नौकरी की चिंता सता रही हैं। यही वजह है कि ऐसे लोग इनसोमनिया (अनिद्रा) के शिकार हो रहे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 15 से 20 ऐसे मरीज अपना रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। मनोविज्ञान विभाग के डॉक्टरों से यह लोग टेलीमेडिसिन के जरिए सलाह भी ले रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों को फोन पर सलाह देने में परेशानी हो रही है।

विज्ञापन


इसकी वजह यह है कि लोग समझाने के बाद भी दवा की जिद पर अड़े हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के एचओडी डॉ तपस कुमार ने बताया कि मरीजों को फोन पर सलाह देना किसी चुनौती से कम नहीं है। क्योंकि मानसिक रूप से परेशान मरीजों को मौजूदा समय में इनसोमनिया की शिकायत ज्यादा है।

विज्ञापन

इस शिकायत की दवा यह है कि वह आराम से सोए। इसके लिए उन्हें कम समय के लिए नींद की गोली दी जाए। लेकिन ऐसा केवल कुछ दिनों के लिए संभव है। अगर ज्यादा दिनों तक दवा का उपयोग किया, तो उनकी दिनचर्या में शामिल हो जाएगा, जो  भविष्य के लिए ठीक नहीं है।
 
केस-1
शाहपुर के रहने वाले शंशाक दो महीने पहले दिल्ली से लौटे थे। वर्क फार्म होम की सुविधा कंपनी ने दे रखी है। इस बीच अचानक उन्हें एक महीने से नींद न आने की शिकायत हुई। बीआरडी में संपर्क किया तो पता चला कि तनाव ज्यादा है। डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह दी और बिना किसी दबाव के काम करने को कहा। शंशाक ने बताया कि अभी तो नौकरी है, लेकिन आने वाले दिनों में नौकरी बचेगी या नहीं। यह कहना मुश्किल है।
 
केस दो
गोरखनाथ क्षेत्र के राजेंद्र नगर के रहने वाले राकेश कुमार मुंबई में काम करते हैं। लॉकडाउन के दौरान किसी तरह घर आ गए। अब तक मुंबई में हालात सामान्य नहीं है। घर में बच्चों के साथ रहकर चिड़चिड़े हो गए हैं। परिवार के लोगों ने बीआरडी में टेलीमेडिसिन के जरिए सलाह ली तो पता चला कि डिप्रेशन की वजह से इन्हें परेशानी है। परिजन डरे हुए हैं। डॉक्टरों ने आराम करने की सलाह देते हुए सोने की बात कही है। इसके लिए कुछ दवाएं भी दी हैं। 

कोविड ने बढ़ा दिया है तनाव

डॉ तपस बताते हैं कि पूरी दुनिया में कोविड की वजह से तनाव बढ़ा है। अब लोगों को इस बात की चिंता सताने लगी हैं कि उनकी नौकरी बचेगी कि नहीं। भविष्य की चुनौतियां, घर का खर्चा आदि की समस्याएं घेरे हुए हैं। इसकी वजह से लोग डिप्रेशन में जा रहे हैं।

ऐसे लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। फोन पर लोग सलाह भी ले रहे हैं। लेकिन इसका कोई विकल्प नहीं है। ऐसे समय में परिजनों को समझाने की जरूरत है, जिससे लोग डिप्रेशन से बच सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed