नहीं मिली एंबुलेंस तो मां को ठेले पर अस्पताल लाया युवक, पर नहीं बच सकी जान
- बेटे ने लगाया आरोप, कहा- कंट्रोल रूम से कर्मचारियों ने एंबुलेंस खाली ना होने की बताई बात
- जिलाधिकारी ने कड़ी कार्रवाई का दिया आश्वासन
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लॉकडाउन के बीच एंबुलेंस नहीं मिली तो बेनीगंज शीशमहल की रहने वाली बीमार सावित्री देवी (70) को ठेले पर बेटा जिला अस्पताल ले आया। लेकिन दुर्भाग्य, जब तक अस्पताल पहुंचता, मां ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया, फिर मृत घोषित कर दिया। सावित्री के शव को भी ठेले से ही लेकर जाना पड़ा।
लॉकडाउन में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित है। स्थिति ऐसी हो गई है कि मरीजों को सरकारी एंबुलेंस तक नहीं मिल पा रही है। मंगलवार की सुबह सावित्री देवी को खून की उल्टी शुरू हुई तो छोटे बेटे सनी ने 108 नंबर पर एंबुलेंस के लिए फोन किया।
सनी का आरोप है कि कंट्रोल रूम से कर्मचारियों ने एंबुलेंस खाली ना होने की बात बताई। इसके बाद मां को लेकर एक निजी अस्पताल गए। निजी अस्पताल बंद होने पर जिला अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने मां को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उसी ठेले से मां का शव लेकर घर आ गए।
इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए अमर उजाला ने भरसक प्रयास किया कि सही तथ्य सामने आ सके। एंबुलेंस के रीजनल मैनेजर अक्षित गुप्ता से बात भी की गई। वे चाहते तो एक मिनट में लॉग बुक चेक कराके बता देते लेकिन न जाने क्यों गोलमोल जवाब देकर रह गए।
गोरखपुर के जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि एडीएम से मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो मामले की जांच कराई जाएगी। किसी को इस तरह दिक्कतें आ रही है, तो लोग मेरे सीयूजी नंबर-8005192660 पर संपर्क कर सकते हैं।
लखनऊ 108 एंबुलेंस के रीजनल मैनेजर अक्षित गुप्ता ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच कराई जाएगी। क्योंकि 108 नंबर पर जो भी कॉल आते हैं, उस पर हमारी टीम तत्काल रिस्पांस करती हैं। तय समय के मुताबिक एंबुलेंस मरीजों के पास भेजा जाता है।