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एम्स में भी मरीज माफिया: उपकरण के लिए दिया दलाल का नंबर, फिर भी नहीं किया ऑपरेशन
Thu, 28 Sep 2023 02:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 28 Sep 2023 02:54 PM IST
सार
डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए जरूरी उपकरण खरीदने के लिए दलाल का नंबर दिया। मरीज ने पैसा देकर उपकरण खरीदे तो और रकम की मांग की गई। नहीं दिया तो ऑपरेशन करने के बजाए बीआरडी रेफर कर दिया।
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गोरखपुर एम्स।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज के बाद अब एम्स जैसे संस्थान में भी मरीज माफिया सक्रिय हैं। मरीज को भर्ती करने के बाद ऑपरेशन के लिए उपकरण दलाल के माध्यम से खरीदवाए जा रहे हैं। ताजा मामला सिकरीगंज के एक मरीज का है। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए जरूरी उपकरण खरीदने के लिए दलाल का नंबर दिया। मरीज ने पैसा देकर उपकरण खरीदे तो और रकम की मांग की गई। नहीं दिया तो ऑपरेशन करने के बजाए बीआरडी रेफर कर दिया। अंत में परेशान परिजनों को मरीज को प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराना पड़ा।
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जानकारी के मुताबिक, सिकरीगंज क्षेत्र के शुक्लपुर निवासी अशोक शुक्ला (45) दिव्यांग हैं। अमरूद तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़े थे। इस दौरान गिरने से उनका कूल्हा टूट गया। परिजनों ने 21 सितंबर को उन्हें एम्स की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह देते हुए भर्ती कर लिया।
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पीड़ित के भाई संतोष शुक्ला के मुताबिक 29 नंबर बेड पर भर्ती करने के बाद डॉक्टर ने एक फोन नंबर दिया और कहा कि इस नंबर पर बात कर लीजिए। उस फोन नंबर पर ऑपरेशन के दौरान लगने वाले उपकरण के संबंध में बात हुई। इस बीच बिना दाम बताए उपकरण भेज दिया गया। बाद में उपकरण की कीमत 24,500 रुपये बताई गई।
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भाई के ऑपरेशन के लिए रुपयों का इंतजाम करने के बाद डॉक्टर ऑपरेशन थिएटर में ले गए। 26 सितंबर को तीन घंटे ऑपरेशन थिएटर में रखने के बाद डॉक्टर ने अगले दिन ऑपरेशन की बात कहते हुए और रुपयों की मांग की। इसपर संतोष ने आपत्ति जताई तो बुधवार की रात मरीज को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
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उन्हें बताया गया कि मशीन को ठीक होने में अभी महीने भर लगेंगे, तब तक हड्डी खराब हो जाएगी। इससे परेशान परिजन अशोक को प्राइवेट नर्सिंग होम लेते गए। भाई संतोष ने बताया कि वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। इस संबंध में देर रात एम्स के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका पक्ष नहीं मिला सका।
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उन्हें बताया गया कि मशीन को ठीक होने में अभी महीने भर लगेंगे, तब तक हड्डी खराब हो जाएगी। इससे परेशान परिजन अशोक को प्राइवेट नर्सिंग होम लेते गए। भाई संतोष ने बताया कि वह इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे। इस संबंध में देर रात एम्स के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका पक्ष नहीं मिला सका।