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मरीज माफिया : काॅलेज ने नहीं दी तहरीर, पुलिस ने भी दिखाई दरियादिली
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गोरखपुर।
मरीज माफिया के मामले में मंगलवार की रात में मेडिकल कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने जितनी सतर्कता दिखाई, उसका असर बुधवार को नहीं दिखा। कॉलेज प्रशासन ने जहां पुलिस को घटना की सूचना देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली तो वहीं पुलिस ने भी एक व्यक्ति को मरीज मानते हुए छोड़ दिया।
मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से दो दिन में भर्ती तीन मरीज बिना किसी सूचना के लापता हो गईं। आशंका जताई गई कि मरीज माफियाओं ने इन्हें झांसे में लेकर किसी निजी अस्पताल को बेच दिया होगा। इसके बाद कॉलेज के कर्मचारियों ने जाल बिछाकर एक माफिया को मरीज देने के लिए परिसर में बुलाया। कुछ देर बाद कार से तीन लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जिन्हें एक मरीज जो अस्पताल की कर्मचारी थी, उसे उनकी गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद उन्हें पकड़कर मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी को सौंपा गया। इसके बाद फिर किसी बड़े गिराेह के खुलासा की उम्मीद जगी। लेकिन बुधवार को पूरा मामला अलग ही दिशा में घूम गया। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रूमा सरकार ने पुलिस को पत्र देकर बताया कि दो तीन महिला मरीज बिना बताए गायब हैं। आशंका है कि उन्हें दलालों ने गुमराह किया है। इस पत्र का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करें। लेकिन गुलरिहा पुलिस को इस मामले में कार्रवाई के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन से तहरीर का इंतजार है।
अब तीमारदार को दिया जाएगा एंट्री पास
मेडिकल कालेज प्रशासन ने वार्ड में भर्ती मरीजों तक दलालों की पहुंच रोकने के लिए एंट्री पास की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। यह पास सिर्फ तीमारदार को ही मिलेगा। वार्ड में जाने के लिए पास अनिवार्य होगा। बगैर किसी वजह के वार्ड में मिले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर बुधवार को कालेज के नेहरू अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीएन शुक्ला ने वार्ड के सिस्टर इंचार्ज के साथ बैठक की। इसके अलावा वार्ड के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों (गार्डों) को भी सतर्क किया गया।
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मरीज माफिया के मामले में मंगलवार की रात में मेडिकल कॉलेज प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने जितनी सतर्कता दिखाई, उसका असर बुधवार को नहीं दिखा। कॉलेज प्रशासन ने जहां पुलिस को घटना की सूचना देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली तो वहीं पुलिस ने भी एक व्यक्ति को मरीज मानते हुए छोड़ दिया।
मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग से दो दिन में भर्ती तीन मरीज बिना किसी सूचना के लापता हो गईं। आशंका जताई गई कि मरीज माफियाओं ने इन्हें झांसे में लेकर किसी निजी अस्पताल को बेच दिया होगा। इसके बाद कॉलेज के कर्मचारियों ने जाल बिछाकर एक माफिया को मरीज देने के लिए परिसर में बुलाया। कुछ देर बाद कार से तीन लोग मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जिन्हें एक मरीज जो अस्पताल की कर्मचारी थी, उसे उनकी गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद उन्हें पकड़कर मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी को सौंपा गया। इसके बाद फिर किसी बड़े गिराेह के खुलासा की उम्मीद जगी। लेकिन बुधवार को पूरा मामला अलग ही दिशा में घूम गया। मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रूमा सरकार ने पुलिस को पत्र देकर बताया कि दो तीन महिला मरीज बिना बताए गायब हैं। आशंका है कि उन्हें दलालों ने गुमराह किया है। इस पत्र का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करें। लेकिन गुलरिहा पुलिस को इस मामले में कार्रवाई के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन से तहरीर का इंतजार है।
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अब तीमारदार को दिया जाएगा एंट्री पास
मेडिकल कालेज प्रशासन ने वार्ड में भर्ती मरीजों तक दलालों की पहुंच रोकने के लिए एंट्री पास की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। यह पास सिर्फ तीमारदार को ही मिलेगा। वार्ड में जाने के लिए पास अनिवार्य होगा। बगैर किसी वजह के वार्ड में मिले लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर बुधवार को कालेज के नेहरू अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीएन शुक्ला ने वार्ड के सिस्टर इंचार्ज के साथ बैठक की। इसके अलावा वार्ड के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों (गार्डों) को भी सतर्क किया गया।
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