गोरखपुर में बस दो अस्पताल कर सकेंगे कोरोना संक्रमित का इलाज, मरीजों को खुद ही देना होगा खर्चा
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गोरखपुर शहर के दो निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज की मंजूरी दी है। इन दोनों अस्पतालों में पनेसिया और शाही ग्लोबल हॉस्पिटल शामिल किए गए हैं। अस्पताल में कोरोना की जांच से लेकर उसके इलाज पर होने वाले खर्च को मरीजों को देना होगा।
जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। सरकारी अस्पतालों के अलावा अब निजी अस्पताल में भी मरीज अपना इलाज शुल्क देकर करा सकते हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो अस्पतालों को मंजूरी दी है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि जिन दो अस्पतालों को अनुमति मिली है। वहां कोई भी मरीज अपनी जांच कराने के साथ इलाज करा सकता हैं। इसका खर्च मरीजों को खुद वहन करना होगा।
25 डेंटल क्लीनिक को मिली इलाज की मंजूरी
गोरखपुर में दांत के मरीजों को हो रही असुविधा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 25 डेंटल क्लीनिक को इमरजेंसी में इलाज की मंजूरी दे दी है। लॉकडाउन-चार में यह सुविधा 31 मई तक के लिए दी गई है।
सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि इमरजेंसी में इलाज की मंजूरी डेंटल क्लीनिक को दी गई है। इस दौरान कोविड-19 के नियमों का पालन हर हाल में करना होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो अनुमति निरस्त कर दी जाएगी।
बताया कि यह अनुमति अभी 31 मई तक दी गई है। आगे शासन की ओर से लॉकडाउन को लेकर जो निर्णय होगा, उसी अनुसार फैसला किया जाएगा।