गोरखपुर: दर्द निवारक दवाओं ने दे दिया जीवन भर का दर्द, जानिए डॉक्टर क्या दे रहे हैं सलाह
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में भी हर माह तीन से चार मरीज ऐसे मिलते हैं, जो लगातार दर्द की दवा से अपने शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाकर इलाज के लिए आते हैं। इनमें 95 फीसदी मरीजों की किडनी में संक्रमण होता है। ऐसे मरीजों को डायलिसिस की सलाह दी जा रही है।
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शरीर में दर्द होने पर चिकित्सक की सलाह के बिना दर्द निवारक दवाओं के सेवन ने सहजनवां के एक युवक को जीवन भर का दर्द दे दिया है। युवक की दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। साथ ही दोनों आंखों की रोशनी भी चली गई है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि सहजनवां के रहने वाले रामानंद (21) को तीन साल से शरीर में दर्द की शिकायत थी। दर्द होने पर रामानंद मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा लेकर खा लेते थे। इस बीच उन्होंने किसी डॉक्टर से सलाह नहीं ली और हमेशा दर्द होने पर स्वयं दर्द निवारक दवाओं का सेवन किया। इस दुष्प्रभाव यह हुआ कि उनकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होने लगी। इस पर परिजन उन्हें नेत्र रोग विशेषज्ञ के पास ले गए। जहां पर डॉक्टरों ने जांच कर उनका इलाज शुरू किया।
जांच के दौरान पता चला कि रामानंद की दोनों किडनियों में भी दिक्कत बढ़ गई है। नेपाल में आंखों का इलाज कराने पर स्थिति में कुछ सुधार हुआ लेकिन, किडनी का संक्रमण काफी बढ़ गया। इस पर परिजनों ने रामानंद को तारामंडल स्थित एक निजी अस्पताल में दिखाया। वहां, डॉक्टरों ने डायलिसिस की सलाह दी। डायलिसिस के दौरान पता चला कि किडनी ज्यादा खराब हो गई। इस पर परिजन लखनऊ लेकर गए। वहां चिकित्सकों ने किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी है।
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दर्द की दवा ने कर दी जिंदगी खराब
सीएमओ ने बताया कि दर्द की दवा ने रामानंद की पूरी जिंदगी खराब कर दी है। रामानंद को ब्लड प्रेशर सहित शरीर के कई अन्य अंगों में भी परेशानी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक के घर गई थी। उसकी पूरी हेल्थ हिस्ट्री ली गई है। जिला अस्पताल में उसका डायलिसिस कराया जा रहा है। लेकिन, स्थिति गंभीर हो चुकी है। यही वजह है कि लोगों को सलाह दी जाती है कि बिना किसी डॉक्टरी सलाह के दर्द की दवा का इस्तेमाल न करें।
जिला अस्पताल में भी आते हैं इस तरह के मरीज
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में भी हर माह तीन से चार मरीज ऐसे मिलते हैं, जो लगातार दर्द की दवा से अपने शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाकर इलाज के लिए आते हैं। इनमें 95 फीसदी मरीजों की किडनी में संक्रमण होता है। ऐसे मरीजों को डायलिसिस की सलाह दी जा रही है।
किडनी के साथ ब्लड प्रेशर सहित अन्य दिक्कतें
डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अगर कोई भी मरीज लगातार दो से तीन माह तक दर्द की दवा का इस्तेमाल खुद करता है तो वह अन्य बीमारियों को भी दावत दे रहा है। इन बीमारियों में किडनी संक्रमण से लेकर ब्लड प्रेशर, अल्सर, हाइपरटेंशन, दमा की बीमारी का बढ़ना शामिल हैं। साथ ही हृदय रोग की भी समस्या हो सकती है। इसलिए मरीजों को सलाह दी जाती है कि बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द की दवा का सेवन बिल्कुल न करें। यह जानलेवा साबित हो सकती है।