गोरखपुर में बोले जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा: महिलाओं, दिव्यांगों पर फैसले के दौरान संवेदनशीलता का रखें ख्याल
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि इस तरह के सेमिनार आज के वक्त की मांग है। विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थी इससे प्रोत्साहित होंगे। अब विधि की पढ़ाई में विद्यार्थियों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। देश भर में कई विधि कॉलेज खुल रहे हैं।
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न्यायाधीश पीड़ितों को न्याय दिलाते वक्त केवल कागजों के आधार पर ही फैसले न दें। महिलाओं के प्रति अपराधों, लैंगिक न्याय, दिव्यांगता के पीड़ितों के मामलों में संवेदनशीलता का भी ख्याल रखें। उनकी मनोस्थिति को समझते हुए फैसला देने से पूर्व एक बार उनकी वेदना पर हृदय से भी सोचें।
ये बातें मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा ने रविवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि संकाय और ज्यूडिशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (जेटीआरआई) की ओेर से आयोजित एक दिवसीय सेमिनार के उद्घाटन समारोह के दौरान दीक्षा भवन में कहीं।
उन्होंने कहा कि आज संवेदनशीलता की आवश्यकता हर जगह है। तब सवाल उठता है कि आखिर इसकी जरूरत क्यों पड़ी। क्या, न्यायाधीशों के पास हृदय नहीं हैं। बिल्कुल है। जब, आपके पास किसी पीड़ित का कोई मामला आता है तो हमें और संवेदनशील होने की जरूरत है। जब टेनिस का खेल आया तो लोगों को संवेदनशील बनाया गया। इस खेल में पुरुष पांच तो महिलाएं तीन सेट खेलती हैं। मगर, अवार्ड दोनों को बराबर मिलता है।
कुलपति प्रो. राजेश सिंह ने कहा कि इस तरह के सेमिनार आज के वक्त की मांग है। विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थी इससे प्रोत्साहित होंगे। अब विधि की पढ़ाई में विद्यार्थियों की रुचि तेजी से बढ़ रही है। देश भर में कई विधि कॉलेज खुल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर गुजरते दिन के साथ आज हमें इंटलैक्चुअल प्रोपर्टी राइट्स, फाइनेंशियल इंटेलीजेंस, ब्लॉक चेन, जीएसटी लॉ, कॉपीराइट, प्लेगरिज्म कॉपीराइट सरीखे क्षेत्रों में विधि विशेषज्ञों की आवश्यकता है। जेटीआरआई के डायरेक्टर विनोद सिंह रावत ने अतिथियों का स्वागत किया। आभार ज्ञापन जिला जज तेज प्रताप तिवारी ने किया।
विधि छात्रों से बोले मुख्य अतिथि, आने वाला वक्त आप का
मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा ने विधि विभाग के छात्रों से कहा कि आने वाला समय आप का है। सेमिनार से सीखें, अपने साथ-साथ लोगों को महिलाओं, दिव्यांगों और यौन उत्पीड़न के पीड़ितों के प्रति जागरूक करें। सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी न्याय देने के दौरान इन बिंदुओं पर अमल किया जाता है। हमारी भी प्राथमिकता यही होनी चाहिए।
विधि विभाग की डिजिटल लाइब्रेरी का लोकार्पण
सेमिनार के दौरान मुख्य अतिथि ने विश्वविद्यालय के विधि संकाय की डिजिटल लाइब्रेरी का बटन दबाकर लोकार्पण किया। इस दौरान कुलपति ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी से विद्यार्थियों को ई-बुक, ई-जर्नल, ई-डाटा बेस सरीखी सभी सुविधाएं एक ही मंच पर मिल सकेंगी। इस दौरान जिला जज तेज प्रताप तिवारी, जेटीआरआई के डायरेक्टर विनोद सिंह रावत भी मौजूद रहे।
सात जिलों के 250 जज हुए शामिल, 30 विवि के पुरातन छात्र
इस सम्मेलन में शामिल होने वाले 250 से ज्यादा न्यायाधीशों, उच्च न्यायिक सेवा अधिकारियों में करीब 30 न्यायाधीश गोरखपुर विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र रहे हैं।
कुलाधिपति वाटिका में किया पौधरोपण
सेमिनार में शामिल होने पहुंचे मुख्य अतिथि जज जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा (एडमिनिस्ट्रेटिव जज गोरखपुर), जिला जज तेज प्रताप तिवारी और जेटीआरई के डायरेक्टर विनोद सिंह रावत ने कुलाधिपति वाटिका में आम, अमरूद और आंवला का पौधा रोपा।