गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र में शामिल होगा एक और गांव, लोगों ने पोर्टल पर मुख्यमंत्री से किया था निवेदन
- संझाई क्षेत्र के लोगों ने पोर्टल पर मुख्यमंत्री से किया था निवेदन
- निगम ने प्रस्ताव तैयार कर कमिश्नर के माध्यम से शासन को भेजा
- नगर निगम में शामिल होने वाले गांवों की संख्या 32 हो गई
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के नगर निगम सीमा क्षेत्र में एक और गांव संझाई शामिल होगा। इस संबंध में नगर निगम द्वारा प्रस्ताव तैयार करके कमिश्नर के मार्फत शासन को भेज दिया गया है। इसके साथ ही नगर निगम में शामिल होने वाले गांवों की संख्या बढ़कर 32 हो जाएगी।
दरअसल, नगर निगम सीमाक्षेत्र के विकास के क्रम में 31 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसको शासन से भी मंजूरी मिल चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि नवंबर तक ये सभी गांव पूरी तरह से नगर निगम का हिस्सा बन जाएंगे। वहीं, मोहरीपुर के पास स्थित गांव संझाई भी नगर निगम में शामिल होने जा रहा है।
इस गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री के पोर्टल पर गांव को नगर निगम में शामिल करने के लिए अभियान चलाया था। इसके बाद शासन से इस गांव को नगर निगम में शामिल करने संबंधी औचित्य परीक्षण कराया गया। जिसके आधार पर इस गांव को नगर निगम में शामिल होने के लायक माना गया।
नगर निगम में शामिल होने वाले 31 गांव
सिक्टौर तप्पा हवेली, रानीडीहा, खोराबार उर्फ सूबा बाजार, जंगल सिकरी उर्फ खोराबार, भरवलिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गो, मनहट, गायघाट बुजुर्ग, पथरा, रानीबाघ, गायघाट बुजुर्ग, सेमरा देवी प्रसाद, गुलरिहा, मुडिला उर्फ मुंडेरा, मिर्जापुर तप्पा खुटहन, करमहा उर्फ कम्हरिया, जंगल तिकोनिया नंबर एक, जंगल बहादुर अली, नुरुद्दीन चक, चकरा सेयम, रामपुर तप्पा हवेली, सेंदुली बेंदुली, कठवतिया उर्फ कठउर, पिपरा तप्पा हवेली, झरवा, हरसेवकपुर नंबर दो, लक्ष्मीपुर तप्पा कस्बा, उमरपुर तप्पा खुटहन, जंगल हकीम नंबर दो।
नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि संझाई गांव को नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव कमिश्नर के माध्यम से शासन को भेजा गया है।
गांवों के डिनोटिफिकेशन का इंतजार
शासन से 31 गांवों को नगर निगम में शामिल करने की स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन अब तक इन गांवों को नगर निगम में शामिल करने के लिए डिनोटिफिकेशन नहीं जारी हुआ है। इसका इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद इन गांवों की विकास संबंधी योजना तैयार की जाएगी। साथ ही इनके लिए अलग वार्ड बनाया जाएगा। इसके लिए परिसीमन किया जाएगा।