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मुंबई से लौटे, गृह जिले में ट्रांजिट सेंटर के गेट पर हुए बेहोश, मौत
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मुंबई से लौटे, गृह जिले में ट्रांजिट सेंटर के गेट पर हुए बेहोश, मौत
संतकबीरनगर। लॉकडाउन में मुंबई में फंसे हैंसर बाजार के वृद्ध की राम कृपाल निषाद मंगलवार को अपने गृह जनपद पहुंच गए, लेकिन ट्रांजिट सेंटर के गेट पर वह बेहोश होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। सूचना पर प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। कोविड -19 के प्रोटोकाल के मुताबिक पोस्टमार्टम के बाद वृद्ध का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वृद्ध का नमूना लिया गया है, जिसे कोरोना जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
डीएम रवीश गुप्त ने बताया कि धनघटा थाना क्षेत्र के हैंसर बाजार निवासी राम कृपाल निषाद (65) ट्रक से मंगलवार को खलीलाबाद पहुंचे। थर्मल स्क्रीनिंग के लिए वह पैदल बनकटिया स्थित निर्माणाधील जिला जेल में बने ट्रांजिट सेंटर पहुंचे, लेकिन गेट पर ही वह बेहोश होकर गिर पड़े। अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों की मदद से उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर रामकृपाल के बेटे सुरेंद्र निषाद जिला अस्पताल पहुंचे। जिला प्रशासन ने उनकी पत्नी को पारिवारिक लाभ योजना के तहत मदद दिलाने की बात कही है। डीएम ने बताया कि रामकृपाल की कोरोना जांच नहीं हुई थी। एहतियातन कोविड-19 के प्रोटोकाल के मुताबिक उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। एएसपी असित श्रीवास्तव ने बताया कि रामकृपाल का अंतिम संस्कार कोविड-19 के मानक के अनुसार कराया गया। इस मौके पर 20 से कम लोग मौजूद रहे। छोटे बेटे ने मुखाग्नि दी। सीएमओ हरगोविंद सिंह ने बताया कि रामकृपाल की मौत की वजह का पता नहीं चला है। उनका नमूना लिया गया है, जिसे कोरोना जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि वह कोरोना पॉजिटिव थे अथवा नहीं। रामकृपाल के दो बेटे हैं। छोटे बेटे सुरेंद्र ने बताया कि उसके बड़े भाई महेंद्र गुजरात में परिवार के साथ रहते हैं। वह भी गुजरात में ही रहता है। 11 मार्च को मां के साथ गांव आया था। उनके पास पास खेती नहीं है। चार दिन पहले पिता मुंबई से घर के लिए चले थे। पता चला कि वह ट्रक से आ रहे हैं। दो घंटे पहले पिता से फोन पर उसकी बात हुई थी। उस समय वह बस्ती पहुंचे थे। सुरेंद्र ने कहा कि उसके पिता पूरी तरह स्वस्थ्य थे।
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संतकबीरनगर। लॉकडाउन में मुंबई में फंसे हैंसर बाजार के वृद्ध की राम कृपाल निषाद मंगलवार को अपने गृह जनपद पहुंच गए, लेकिन ट्रांजिट सेंटर के गेट पर वह बेहोश होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। सूचना पर प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। कोविड -19 के प्रोटोकाल के मुताबिक पोस्टमार्टम के बाद वृद्ध का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वृद्ध का नमूना लिया गया है, जिसे कोरोना जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा।
डीएम रवीश गुप्त ने बताया कि धनघटा थाना क्षेत्र के हैंसर बाजार निवासी राम कृपाल निषाद (65) ट्रक से मंगलवार को खलीलाबाद पहुंचे। थर्मल स्क्रीनिंग के लिए वह पैदल बनकटिया स्थित निर्माणाधील जिला जेल में बने ट्रांजिट सेंटर पहुंचे, लेकिन गेट पर ही वह बेहोश होकर गिर पड़े। अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों की मदद से उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर रामकृपाल के बेटे सुरेंद्र निषाद जिला अस्पताल पहुंचे। जिला प्रशासन ने उनकी पत्नी को पारिवारिक लाभ योजना के तहत मदद दिलाने की बात कही है। डीएम ने बताया कि रामकृपाल की कोरोना जांच नहीं हुई थी। एहतियातन कोविड-19 के प्रोटोकाल के मुताबिक उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। एएसपी असित श्रीवास्तव ने बताया कि रामकृपाल का अंतिम संस्कार कोविड-19 के मानक के अनुसार कराया गया। इस मौके पर 20 से कम लोग मौजूद रहे। छोटे बेटे ने मुखाग्नि दी। सीएमओ हरगोविंद सिंह ने बताया कि रामकृपाल की मौत की वजह का पता नहीं चला है। उनका नमूना लिया गया है, जिसे कोरोना जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि वह कोरोना पॉजिटिव थे अथवा नहीं। रामकृपाल के दो बेटे हैं। छोटे बेटे सुरेंद्र ने बताया कि उसके बड़े भाई महेंद्र गुजरात में परिवार के साथ रहते हैं। वह भी गुजरात में ही रहता है। 11 मार्च को मां के साथ गांव आया था। उनके पास पास खेती नहीं है। चार दिन पहले पिता मुंबई से घर के लिए चले थे। पता चला कि वह ट्रक से आ रहे हैं। दो घंटे पहले पिता से फोन पर उसकी बात हुई थी। उस समय वह बस्ती पहुंचे थे। सुरेंद्र ने कहा कि उसके पिता पूरी तरह स्वस्थ्य थे।
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