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हैदराबाद से भटक कर गोरखपुर आ गया बुजुर्ग, परिवार से मिलाने में फेसबुक बना हथियार
Wed, 18 Mar 2020 06:52 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 18 Mar 2020 06:52 PM IST
सार
- तीन युवाओं की इंसानियत से भटके बुजुर्ग का परिवार से हुआ संपर्क
- हैदराबाद से खोराबार आ गए बुजुर्ग की तीनों ने घर रखकर की खातिरदारी
- फेसबुक के जरिए तस्वीर पोस्ट की, जिसके वायरल होने से परिवार को मिली जानकारी
- परिवार के लोग बुजुर्ग को ले जाने दो दिन आ जाएंगे
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इन तीन युवाओं ने बुजुर्ग को फेसबुक के जरिए परिवार से मिलाया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हैदराबाद से भटक कर खोराबार आए बुजुर्ग फिर से अपने परिवार के बीच होंगे। यह संभव हो सका है तीन युवकों की इंसानियत की वजह से। तीनों युवकों में से विपिन ने बुजुर्ग की तेलगू भाषा को समझा। फिर तीनों ने उसके खाने और रहने की व्यवस्था की।
उसके बाद फेसबुक के जरिए बुजुर्ग की तस्वीर और उससे संबंधित सूचना पोस्ट की, जो वायरल हो गई। उससे तीनों युवकों से बुजुर्ग के परिवार वालों ने संपर्क किया। उनकी कॉल आने के बाद बुजुर्ग को लेकर युवक खोराबार थाने पहुंचे। परिवार के लोगों ने दो दिन में आकर बुजुर्ग को ले जाने की बात कही है।
रविवार को ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे बुजुर्ग कैसे यहां पर आ गए, इस बारे में उन्हें भी जानकारी नहीं है। सिर्फ इतना बता पाए कि रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद पैदल चलने लगे। भटक कर नौवा अव्वल स्थित एक चाय की दुकान पर पहुंचे। उनकी बात को कोई समझ नहीं पा रहा था। उसी दुकान पर खोराबाद के विपिन, अंशू और दिलीप मिले। विपिन महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में कुछ समय रहे हैं। इस वजह से वह बुजुर्ग की बातों को कुछ-कुछ समझ रहे थे।
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बुजुर्ग ने अपना नाम बीसाराम आगीरकार, उम्र 70 वर्ष के साथ ही अपने पुत्र का नाम बाबाराव आगीरकार बताया। हालांकि वह मोबाइल नंबर नहीं बता पा रहे थे। तीनों युवक बुजुर्ग को अपने गांव गौरी मंगलपुर लेकर गए। फेसबुक पर बुजुर्ग की तस्वीर पोस्ट की। उसके बाद बुजुर्ग के इलाके के विधायक के प्रतिनिधि ने फोटो देखकर पहचाना। उसके बाद बुजुर्ग के घरवालों को जानकारी दी गई।
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उसके बाद फेसबुक के जरिए बुजुर्ग की तस्वीर और उससे संबंधित सूचना पोस्ट की, जो वायरल हो गई। उससे तीनों युवकों से बुजुर्ग के परिवार वालों ने संपर्क किया। उनकी कॉल आने के बाद बुजुर्ग को लेकर युवक खोराबार थाने पहुंचे। परिवार के लोगों ने दो दिन में आकर बुजुर्ग को ले जाने की बात कही है।
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रविवार को ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे बुजुर्ग कैसे यहां पर आ गए, इस बारे में उन्हें भी जानकारी नहीं है। सिर्फ इतना बता पाए कि रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद पैदल चलने लगे। भटक कर नौवा अव्वल स्थित एक चाय की दुकान पर पहुंचे। उनकी बात को कोई समझ नहीं पा रहा था। उसी दुकान पर खोराबाद के विपिन, अंशू और दिलीप मिले। विपिन महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में कुछ समय रहे हैं। इस वजह से वह बुजुर्ग की बातों को कुछ-कुछ समझ रहे थे।
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बुजुर्ग ने अपना नाम बीसाराम आगीरकार, उम्र 70 वर्ष के साथ ही अपने पुत्र का नाम बाबाराव आगीरकार बताया। हालांकि वह मोबाइल नंबर नहीं बता पा रहे थे। तीनों युवक बुजुर्ग को अपने गांव गौरी मंगलपुर लेकर गए। फेसबुक पर बुजुर्ग की तस्वीर पोस्ट की। उसके बाद बुजुर्ग के इलाके के विधायक के प्रतिनिधि ने फोटो देखकर पहचाना। उसके बाद बुजुर्ग के घरवालों को जानकारी दी गई।