फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Number of serious patients increased in Gorakhpur

गोरखपुर में तेजी से घटे कोरोना पॉजिटिव, फिर भी स्वास्थ्य विभाग को सता रही यह चिंता

Sat, 09 Jan 2021 06:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 09 Jan 2021 06:36 PM IST
सार

  • जनवरी माह में मिलने वाले मरीजों में 70 फीसदी मरीज गंभीर श्रेणी वाले
  • बीआरडी में मौजूदा समय में करीब 60 मरीज हैं भर्ती 

विज्ञापन
Number of serious patients increased in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

कोरोना मरीजों की संख्या में आई कमी ने भले ही विभाग को राहत दी है। लेकिन इस बीच केवल गंभीर मरीजों की संख्या ने बीआरडी की मुश्किलें फिर से बढ़ा दी है। मौजूदा समय में जो भी मरीज कोरोना के मिल रहे हैं, उनमें 70 प्रतिशत गंभीर मरीज शामिल हैं। इनकी उम्र 50 से अधिक है। इस वक्त बीआरडी मेडिकल कॉलेज में करीब 60 गंभीर मरीजों का इलाज कोविड वार्ड में चल रहा है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक नवंबर माह से कोरोना मरीजों की संख्या में आई कमी ने विभाग को काफी राहत दी। इस माह केवल 1093 मरीज मिले थे। जबकि दिसंबर माह में यह संख्या और कम हो गई। इस माह केवल 937 मरीज मिले। मरीजों की संख्या कम होने की वजह से बीआरडी में दिसंबर माह में अधिकतम 40 मरीज ही भर्ती थे। लेकिन जनवरी में यह आंकड़ा अचानक बढ़ गया।
विज्ञापन


इसकी वजह जनवरी माह में आठ दिनों में जो भी मरीज मिले हैं, वह काफी गंभीर श्रेणी के हैं। इन मरीजों को पहले से कोई न कोई बीमारी है। इसकी वजह से इन्हें बीआरडी में भर्ती होना पड़ा है। पांच जनवरी को तो दिन में 17 गंभीर मरीजों को भर्ती करना पड़ा। बीआरडी प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से मरीजों के आंकड़े अचानक बढ़े हैं। यह मरीज गंभीर है। इनका इलाज कोविड वार्ड में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

50 से अधिक उम्र हैं 80 प्रतिशत मरीज

बीआरडी में भर्ती मौजूदा समय में जो भी मरीज भर्ती है। उनमें से अधिकांश की उम्र 50 से अधिक है। यह ऐसे मरीज हैं, जिनको पहले से ही शुगर, हार्ट, किडनी, चेस्ट आदि की बीमारी है। यही वजह है कि इन पर संक्रमण का असर अधिक रहा है। प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि लोग अब लापरवाही कर रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि जिनकी इम्युनिटी कमजोर हैं, उन पर संक्रमण का असर जल्द हो रहा है।

नौ दिनों में आठ की हो चुकी है मौत
जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में आठ संक्रमित मरीजों की मौत बीआरडी में हो चुकी है। जबकि पिछले साल दिसंबर माह में केवल 19 मरीजों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों को डर है कि अगर इसी तरह लापरवाही होती रही तो मौत के आंकड़े अभी और बढ़ेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed