Exclusive: रेलवे में रिक्त पदों पर पदोन्नति की अब हर महीने मॉनीटरिंग, रेलवे बोर्ड करेगा समीक्षा
पूर्वोत्तर रेलवे में भी पदोन्नति के कई मामले अटके पड़े हैं। ग्रुप डी से ग्रुप सी में सहायक लोको पायलट व टेक्नीशियन-3 के पदों पर 95 रेलकर्मियों की पदोन्नति हुई थी, तीन साल होने को हैं, पर अभी तक तैनाती नहीं दी गई। इसी प्रकार, गार्ड के पद पर भी पदोन्नति के बाद तैनाती नहीं हो पाई है। गुड्स गार्ड से पैसेंजर गार्ड के लिए डेढ़ साल पहले परीक्षा हुई थी, 45 गार्ड सफल हुए थे। लेकिन अब भी सभी गार्ड मालगाड़ी पर ही ड्यूटी कर रहे हैं।
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रेलवे में रिक्त पदों पर पदोन्नति में हो रही हीलाहवाली को लेकर रेलवे बोर्ड ने सख्ती दिखाई है। अब देश स्तर पर पदोन्नति की हर महीने मॉनीटरिंग होगी। सभी रेलवे जोन के मंडल मुख्यालयों को हर महीने कितने पदों पर पदोन्नति दी गई है, इसका ब्यौरा देना होगा।
रेलवे बोर्ड के डिप्टी डॉयरेक्टर इस्टेबिलमेंट संजय कुमार ने एक जुलाई 2022 को जारी अपने पत्र में कहा है कि सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (जीडीसीई) और सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) के तहत रिक्त पदों पर तैनाती संतोषजनक नहीं है। सभी प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी अपने स्तर से भी मंडल कार्यालयों की समीक्षा करें। जोन स्तर पर रेलवे बोर्ड से एक लिंक भेजकर आवश्यक ब्यौरा मांगा जाएगा। जोन से आई रिपोर्ट के आधार पर हर महीने समीक्षा की जाएगी।
एनईआर में भी नहीं दी गई तैनाती
पूर्वोत्तर रेलवे में भी पदोन्नति के कई मामले अटके पड़े हैं। ग्रुप डी से ग्रुप सी में सहायक लोको पायलट व टेक्नीशियन-3 के पदों पर 95 रेलकर्मियों की पदोन्नति हुई थी, तीन साल होने को हैं, पर अभी तक तैनाती नहीं दी गई। इसी प्रकार, गार्ड के पद पर भी पदोन्नति के बाद तैनाती नहीं हो पाई है। गुड्स गार्ड से पैसेंजर गार्ड के लिए डेढ़ साल पहले परीक्षा हुई थी, 45 गार्ड सफल हुए थे। लेकिन अब भी सभी गार्ड मालगाड़ी पर ही ड्यूटी कर रहे हैं।
महामंत्री पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ विनोद राय ने कहा कि सामान्य विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (जीडीसीई) और सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (एलडीसीई) के तहत रिक्त पदों पर तैनाती नहीं दी जा रही है। रेलवे बोर्ड के निर्देशों को पालन किया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।