गोरखपुर: अब रामगढ़ताल के सामने की वाटर बॉडी में भी उठाइए बोटिंग का आनंद, खूबसूरती के लिए छोड़े गए 50 बत्तख, चार हंस
42 एकड़ की वाटर बॉडी में जीडीए ने शुरू की बोटिंग, मुख्यमंत्री ने की उपाध्यक्ष के प्रयास की सराहना, बोले- वाटर बॉडी की निरंतर सफाई का करें प्रबंध।
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गोरखपुर के रामगढ़ताल के सामने 42.5 एकड़ में फैली वाटर बॉडी की सफाई के बाद बृहस्पतिवार से वहां बोटिंग भी शुरू हो गई। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने फीता काटकर इसकी शुरूआत की। साथ ही वाटर बॉडी की खूबसूरती बढ़ाने के लिए उन्होंने उसमें 50 बत्तख और चार हंस भी डलवाए।
उधर, दोपहर बाद गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीडीए उपाध्यक्ष की इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि रामगढ़ताल क्षेत्र की खूबसूरती के लिए ऐसे ही निरंतर प्रयास किए जाते रहें और वाटर बॉडी की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने बोटिंग की फोटो और वीडियो भी देखी। इस दौरान उपाध्यक्ष ने वाटर बॉडी के सुंदरीकरण के लिए बनाई गई कार्ययोजना भी प्रस्तुत की जिसपर मुख्यमंत्री ने मुहर लगा दी। जीडीए उपाध्यक्ष ने सुबह 10.30 बजे बोटिंग की शुरूआत की और इसके बाद जीडीए के अधिशासी अभियंता मुकेश अग्रवाल एवं सहायक अभियंता अरुण कुमार तायल के साथ मोटर बोट से वाटर बाडी में भ्रमण भी किया। वह बुद्ध म्यूजियम के पास बनी पुलिया के नीचे से होते हुए वैशाली आवासीय योजना की ओर गए और फिर वापस लौटे।
इस दौरान उन्होंने वाटर बॉडी के किनारे की दीवारों पर सफेदी कराने के साथ ही किनारों पर सफाई कराने का निर्देश दिया। उपाध्यक्ष का कहना है कि शुक्रवार से सफाई का काम शुरू हो जाएगा। बाद में उस पर पर्यावरण आदि की जागरूकता संबंधी चित्र बनाए जाएंगे। पहले दिन शाम के वक्त बच्चों एवं युवाओं ने भी पैडल एवं मोटर बोटिंग का आनंद लिया। पैडल बोटिंग के लिए 40 रुपये शुल्क तय किया गया है। इस दौरान सहायक संपत्ति अधीक्षक इंद्रजीत सिंह, मो. असलम, राधेश्याम आदि उपस्थित रहे।
पानी साफ करने के लिए नैनो बबल तकनीक का होगा इस्तेमाल
वाटर बॉडी में फिर गंदगी न फैले इसके लिए नैनो बबल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस जापानी तकनीक के माध्यम से पानी में आक्सीजन की मात्रा बढ़ा दी जाएगी। गोरखपुर विश्वविद्यालय में पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्रमुख रहे प्रो. डीके सिंह का कहना है कि ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ने से पानी साफ हो जाता है। विदेशों में वाटर बॉडी का साफ बनाए रखने में इस तकनीक का खूब इस्तेमाल किया जाता है। देश के भीतर कई बड़े शहरों में इसके इस्तेमाल हो रहा है। इससे मछलियों के लिए भी पानी अनुकूल हो जाता है और तालाब की खूबसूरती भी बरकरार रहेगी।
वाटर बॉडी में म्यूजिकल फाउंटेन लगेगा, चारो तरफ बनेगा पाथ वे
पिछले महीने हुई जीडीए अवस्थापना समिति की बैठक में वाटर बॉडी के सुंदरीकण के लिए दो करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव का मंजूरी दे दी गई है। प्राधिकरण द्वारा तैयार कार्ययोजना के मुताबिक 8.5 एकड़ क्षेत्रफल में इसे विकसित किया जाएगा। इसमें दो म्यूजिकल फाउंटेन बनाए जाएंगे। चारो ओर पाथ वे बनेगा और उसपर रेलिंग लगाई जाएगी। लोग वहां सुबह-शाम वॉक कर सकेंगे।
दीवार पर संदेश देने वाले चित्र बनाए जाएंगे। पुल के नीचे के भाग को भी सुंदर बनाया जाएगा। जगह-जगह सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। बृहस्पतिवार को मंदिर में विकास कार्यों की बैठक के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष ने इस कार्ययोजना को मुख्यमंत्री के सामने भी प्रस्तुत किया जिसपर उन्होंने भी अपनी सहमति दे दी। जल्द ही इसका टेंडर कर दिया जाएगा। दूसरे चरण में पूरी वाटर बॉडी को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जाएगा।